Haldwani: 64.87 लाख स्वीकृत, फिर भी अधूरे पड़े सड़क और रेलिंग कार्य…आरटीआई से पीडब्ल्यूडी पर उठे सवाल

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हल्द्वानी/नैनीताल। काठगोदाम-ओखलढूंगा-हेड़ाखान मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त सड़क, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और टूटी सुरक्षा रेलिंगों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया द्वारा दायर आरटीआई ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौनिया ने विभाग से 64.87 लाख रुपये की स्वीकृत धनराशि के उपयोग, कार्यों की प्रगति और जांच रिपोर्ट का पूरा ब्योरा मांगा है।

बताया गया है कि शासन स्तर से मार्ग के विभिन्न क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के सुधार तथा सुरक्षा कार्यों के लिए 64.87 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़क सुधार और सुरक्षा संबंधी कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है।

ओखलढूंगा और पनियाबोर क्षेत्र पर विशेष फोकस

आरटीआई में विशेष रूप से ओखलढूंगा स्थित सुमित जनरल स्टोर के समीप क्षतिग्रस्त कलमठ, सड़क धंसाव और सुरक्षा कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा पनियाबोर, पनिया मेहता और अन्य भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में आपदा मद से स्वीकृत कार्यों का बजट, व्यय विवरण, प्रगति रिपोर्ट और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र की भी मांग की गई है।

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गौनिया ने पूछा है कि स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष कितना कार्य धरातल पर हुआ, कितना भुगतान किया गया और कितने कार्य अब भी लंबित हैं। साथ ही कार्यों में हुई देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जानकारी भी मांगी गई है।

सुरक्षा रेलिंगों की बदहाली बनी चिंता

मामले का एक बड़ा पहलू सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंगों से जुड़ा है। काठगोदाम से हेड़ाखान तक कई स्थानों पर रेलिंगों के नट-बोल्ट गायब हैं, कई रेलिंगें क्षतिग्रस्त और झुकी हुई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर वे पूरी तरह टूट चुकी हैं।

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहाड़ी मार्ग पर सुरक्षा रेलिंगें दुर्घटनाओं से बचाव का महत्वपूर्ण साधन होती हैं, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई जगह रेलिंगें केवल औपचारिकता बनकर रह गई हैं और उनकी मरम्मत की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

पुरानी शिकायतों की जांच पर भी मांगा जवाब

आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत गौनिया ने बताया कि वह पूर्व में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, शासन और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में कई शिकायतें भेज चुके हैं। इन शिकायतों के आधार पर विभागीय जांच भी कराई गई थी।

अब आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी मांगी गई है कि उन शिकायतों की जांच किस अधिकारी ने की, जांच में क्या निष्कर्ष सामने आए, क्या कमियां पाई गईं और दोषी पाए जाने पर किन अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। साथ ही जिन खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे, उनका अनुपालन क्यों नहीं हुआ।

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संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग जाने की चेतावनी

हेमंत गौनिया ने कहा कि यदि विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण और संतोषजनक सूचना उपलब्ध नहीं कराता है या फिर जरूरी कार्यों को शुरू नहीं किया जाता है, तो मामला उत्तराखण्ड सूचना आयोग, शासन स्तर और अन्य सक्षम मंचों पर उठाया जाएगा।

क्षेत्रवासियों की मांग, जल्द हो मरम्मत

क्षेत्रवासियों ने पनियाबोर, पनिया मेहता, ओखलढूंगा और हेड़ाखान मार्ग के अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक है और यदि समय रहते सड़क एवं सुरक्षा रेलिंगों की मरम्मत नहीं हुई तो दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की आशंका बढ़ जाएगी।

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