मुंबई। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। शुरुआती मजबूती के बाद सोने की चमक फीकी पड़ गई, जबकि चांदी ने हल्की बढ़त के साथ कारोबार किया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर जून डिलीवरी वाले सोने का वायदा 1,53,301 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 1,53,364 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में गिरकर 1,52,547 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। खबर लिखे जाने तक सोना 501 रुपये यानी 0.33% की गिरावट के साथ 1,52,651 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा।
वहीं चांदी में मजबूती देखने को मिली। मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपये पर खुली और 2,50,716 रुपये प्रति किलोग्राम का हाई बनाया, जबकि इसका लो 2,48,729 रुपये रहा। फिलहाल चांदी 225 रुपये यानी 0.09% की बढ़त के साथ 2,48,853 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल कमोडिटी बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक बना हुआ है। मैक्रो फैक्टर्स से समर्थन जरूर मिल रहा है, लेकिन मजबूत तेजी के लिए कीमतों को अहम स्तरों को पार करना होगा। चांदी में भी स्थायी तेजी के लिए ठोस संकेतों का इंतजार है।
इस बीच मुद्रा बाजार में भी हलचल रही। भारतीय रुपया 25 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.95 पर खुला। यह मजबूती तब आई जब भारतीय रिजर्व बैंक ने सरकारी तेल कंपनियों को डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का उपयोग करने का निर्देश दिया, जिससे डॉलर की मांग में कमी आई।
घरेलू मुद्रा पिछले सत्र में 93.20 पर बंद हुई थी, लेकिन शेयर बाजार में सुधार और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीदों से इसमें मजबूती आई। हालांकि मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते रुपये की तेजी पर दबाव भी बना हुआ है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2% गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता नजर आया।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी राहत के संकेत मिले हैं। इज़रायल और लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से बाजार का माहौल कुछ बेहतर हुआ है।
घरेलू शेयर बाजार में भी हल्की मजबूती देखने को मिली, जिससे रुपये को सहारा मिला। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और डॉलर की चाल ही सोना-चांदी और रुपये की दिशा तय करेंगे।
