हल्द्वानी: देवखड़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति, 6 घायलों को सुरक्षित निकाला

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। मानसून सत्र में आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने के उद्देश्य से सोमवार सुबह हल्द्वानी तहसील अंतर्गत देवखड़ी नाले में बाढ़ जैसी स्थिति की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के तहत प्रातः 9:15 बजे सूचना प्राप्त हुई कि मूसलधार बारिश के चलते सूखा पड़ा देवखड़ी नाला अचानक उफान पर आ गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

सूचना मिलते ही जिला आपदा नियंत्रण कक्ष नैनीताल और तहसील स्तरीय आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम) टीम सक्रिय हो गई। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष वंदना ने आपदा परिचालन केंद्र से स्थिति की निगरानी करते हुए राहत व बचाव कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: गुलाब घाटी और रानीबाग में जाम से मिलेगी राहत...एनएच करेगा सड़कों का चौड़ीकरण, कलसिया में बनेगा मॉडल ब्रिज

राहत कार्यों में दिखी प्रशासनिक चुस्ती

हल्द्वानी तहसील कार्यालय में स्टेजिंग एरिया तैयार कर विभिन्न विभागों की टीमों को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान 6 ‘घायलों’ को नाले क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया, जिनमें से 4 को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सुशीला तिवारी चिकित्सालय पहुंचाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: भाई दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट, जयकारों से गूंज उठी केदारघाटी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का कार्य भी किया गया, जिससे रास्ते को साफ कर राहत पहुंचाई जा सके। मॉक ड्रिल में जनहानि शून्य रही।

राहत शिविरों में की गई व्यवस्थाएं

प्रभावित लोगों को निकटवर्ती राहत शिविरों में शिफ्ट कर भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संपूर्ण राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की गई और सभी विभागों के बीच समन्वय का सफल परीक्षण किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  ईरान पर अमेरिका का बड़ा हवाई हमला, खार्ग द्वीप के सैन्य ठिकाने तबाह करने का ट्रंप का दावा

प्रशासन की तैयारी संतोषजनक

जिलाधिकारी वंदना ने मॉक अभ्यास के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को आगामी संभावित आपदाओं से निपटने की रणनीति में उपयोगी बताते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की किसी भी वास्तविक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों की तत्काल उपलब्धता जनजीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य है।

You cannot copy content of this page