उत्तराखंड: राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ा, मांग के बावजूद नहीं होगी कटौती

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देहरादून। लगातार बारिश और मौसम में बदलाव ने राज्य की बिजली व्यवस्था को राहत दी है। जहां एक ओर बारिश और ग्लेशियरों के पिघलने से बिजली उत्पादन में इजाफा हुआ है, वहीं तेज धूप के चलते बिजली की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बावजूद इसके, उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कहीं भी बिजली कटौती नहीं की जा रही है।

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पिछले तीन दिनों में बिजली की मांग में लगातार इजाफा हुआ है। 11 मई को मांग जहां 4.4 करोड़ यूनिट थी, वहीं 12 मई को यह बढ़कर 4.8 करोड़ यूनिट और 13 मई को लगभग 5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। यूपीसीएल के निदेशक (परिचालन) एमआर आर्य के अनुसार, वर्तमान में बिजली की आपूर्ति मांग के अनुरूप पूरी की जा रही है। राज्य में न तो घोषित और न ही अघोषित कटौती की जा रही है।

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उधर, यूजेवीएनएल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड) के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश और ग्लेशियर पिघलने से जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन बढ़ गया है। फिलहाल राज्य में 1.6 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली का दैनिक उत्पादन हो रहा है और जल्द ही यह आंकड़ा दो करोड़ यूनिट पार कर सकता है।

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गौरतलब है कि पिछले वर्ष मई माह में बिजली की अधिकतम मांग 6.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई थी, जबकि औसत मांग 5.1 करोड़ यूनिट रही थी। इस बार मई के पहले दो हफ्तों में बिजली की मांग लगभग 5 करोड़ यूनिट के आसपास बनी हुई है, जो बीते वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जा रही है।

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