उत्तराखंड: धामी सरकार में कैबिनेट विस्तार की आहट, सियासी गलियारों में तेज हुई हलचल

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देहरादून। उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिल्ली दौरे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयानों ने साफ कर दिया है कि राज्य में जल्द ही कैबिनेट विस्तार हो सकता है। लंबे अरसे से खाली पड़े पांच मंत्री पदों पर अब नए चेहरों की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है।

गौरतलब है कि धामी मंत्रिमंडल में चार पद लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ। इन पदों पर नियुक्ति को लेकर कई बार कवायद हुई, लेकिन हर बार मामला अधर में लटक गया। अब जबकि मुख्यमंत्री धामी ने खुद कहा है कि “हाईकमान से बातचीत चल रही है, जल्द फैसला होगा” तो सियासी गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

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भाजपा सूत्रों के अनुसार दिल्ली में मुख्यमंत्री धामी और शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बातचीत में कैबिनेट विस्तार का खाका लगभग तैयार हो चुका है। अब बस पार्टी हाईकमान की अंतिम मुहर बाकी है।

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संभावित चेहरों की बात करें तो खजान दास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, भरत चौधरी, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल और राम सिंह कैड़ा जैसे दिग्गज विधायकों के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इन नेताओं के समर्थकों ने भी अंदरखाने से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, “भाजपा लोकतांत्रिक परंपराओं के तहत काम करने वाली पार्टी है। हाईकमान के निर्देश मिलते ही कैबिनेट के खाली पदों को भरा जाएगा।”

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यानी साफ है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही धामी कैबिनेट का चेहरा बदलने वाला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि संगठन संतुलन और क्षेत्रीय समीकरण साधते हुए किसे मंत्री पद की कुर्सी नसीब होती है और किसके अरमानों पर फिर पानी फिरता है।

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