देहरादून। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 जनवरी 2026 को राज्यहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। किसानों, कर्मचारियों, न्याय व्यवस्था, पर्यटन, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े कुल 19 प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
Major Cabinet Decisions Approved : कैबिनेट ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंकों से ऋण लेने हेतु 270.28 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी प्रदान करने का निर्णय लिया। साथ ही गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य अगेती प्रजाति के लिए 405 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के लिए 395 रुपये प्रति क्विंटल (मिल गेट पर) तय किया गया। गन्ना विकास अंशदान 5.50 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार का नाम बदलकर “उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्” करने, निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की नई सेवा नियमावली को मंजूरी देने तथा यू-कॉस्ट के अंतर्गत अल्मोड़ा व चम्पावत विज्ञान केंद्रों के लिए 12 नए पद सृजित करने का फैसला भी लिया।
पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होमस्टे एवं बीएंडबी पंजीकरण नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब होमस्टे योजना का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए NDPS, POCSO, NI Act, PMLA और भ्रष्टाचार अधिनियम से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में 16 विशेष न्यायालयों के लिए 144 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को चरणबद्ध रूप से समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को यह लाभ मिलेगा।
इसके अलावा श्री केदारनाथ धाम में खच्चरों के गोबर और चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण अनुकूल ईंधन पेलेट बनाने के पायलट प्रोजेक्ट, दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र हेतु 6 पदों के सृजन, खेल महाकुंभ में विधायक-सांसद-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी और नकद पुरस्कार, ब्रिडकुल को रोपवे व टनल पार्किंग कार्यों में शामिल करने तथा समान नागरिक संहिता (UCC) संशोधन अध्यादेश लाने पर भी सहमति दी गई।
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026 के प्रथम आय-व्ययक सत्र के लिए मुख्यमंत्री को विधानसभा सत्र आहूत करने के लिए अधिकृत किया है।
