सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: यूएई से वांटेड अनिल कुमार रेड्डी भारत लाया गया

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यूएई से वांटेड अपराधी अनिल कुमार रेड्डी येद्दुला को गिरफ्तार कर भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। वह धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर मामलों में वांछित था।

सीबीआई ने बताया कि इंटरपोल चैनलों के माध्यम से भगोड़े की वापसी का समन्वय किया गया। सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (IPCU) ने विदेश मंत्रालय और एनसीबी-अबू धाबी के सहयोग से रेड नोटिस जारी कराया था। आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर 5 सितंबर 2022 को इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी हुआ था।

यह भी पढ़ें 👉  LPG बुकिंग को लेकर फैली अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान, 35 नहीं 25 दिन में ही मिलेगा शहरों में सिलेंडर

दुबई से हैदराबाद लाया गया
यूएई अधिकारियों ने रेड नोटिस के आधार पर अनिल कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे भारतीय एजेंसियों को सौंपने का निर्णय लिया गया। गुरुवार को दुबई पुलिस की एस्कॉर्ट टीम उसे दुबई से हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लेकर पहुंची, जहां सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आंध्र प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया गया।

इंटरपोल नेटवर्क के जरिए एक और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन सफल
इसी बीच पिछले महीने भारत में सीबीआई ने एनसीबी-कुआलालंपुर के साथ मिलकर एक अहम अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को अंजाम दिया। इंटरपोल के सहयोग से रेड नोटिसधारी तीन व्यक्तियों श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतीफकुमार सेल्वराज और नवींद्रन राज कुमारसन को भारत से मलेशिया डिपोर्ट किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  बेटी के टूटे रिश्ते की रंजिश में पिता की हत्या, घर में घुसकर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार

मलेशियाई अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों संगठित आपराधिक गतिविधियों में वांछित थे और अवैध आर्थिक लाभ व प्रभाव हासिल करने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

जब ये लोग यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे, तो मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने रेड नोटिस के आधार पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: पहाड़ से मैदान तक बरसे बादल, तापमान लुढ़का...अगले कुछ दिन ऐसा ही रहेगा मिजाज

इसके बाद मलेशियाई अधिकारियों ने औपचारिक अनुरोध कर उन्हें मलेशिया भेजने की प्रक्रिया शुरू की। 25 जनवरी को रॉयल मलेशिया पुलिस की एस्कॉर्ट टीम मुंबई पहुंची और एनसीबी-नई दिल्ली सहित संबंधित भारतीय एजेंसियों के समन्वय से तीनों को सुरक्षित रूप से मलेशिया रवाना कर दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय अपराधियों पर सख्त कार्रवाई
सीबीआई की इन कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मजबूत उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। इंटरपोल नेटवर्क और विभिन्न देशों की एजेंसियों के समन्वय से फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया लगातार तेज हो रही है।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page