मटर फ्रोजन प्लांट में अमोनिया गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, छह महिला कर्मचारी बीमार

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अमरोहा: चांदपुर मार्ग पर ग्राम चुचैला कलां स्थित एक मटर फ्रोजन प्लांट में रविवार दोपहर बाद अमोनिया गैस का रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। गैस फैलते ही प्लांट में काम कर रहे कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और सभी लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। इस दौरान छह महिला कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया गया।

जानकारी के अनुसार चांदपुर मार्ग पर स्थित Upright Innovative Solution Private Limited के मटर फ्रोजन प्लांट में मटर के दानों को फ्रीज करने का काम किया जाता है। रविवार की दोपहर अचानक प्लांट के अंदर अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस की तेज गंध फैलते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकल आए।

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गैस के प्रभाव से छह महिला कर्मचारी बेहोशी की स्थिति में पहुंच गईं। प्लांट प्रबंधन से जुड़े लोग उन्हें चुचैला कलां के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद महिलाओं की हालत में सुधार बताया गया है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि प्लांट में गैस रिसाव की सूचना मिली थी। दो महिला कर्मचारियों की तबीयत अधिक खराब हुई थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।

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घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस रिसाव के बाद कुछ देर तक इलाके में दहशत का माहौल रहा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन ने घटना को छिपाने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल के स्टाफ से जानकारी बाहर आ गई।

ग्रामीणों के अनुसार करीब छह माह पहले भी प्लांट में काम करने के दौरान इरफान नामक युवक घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। जिले में इससे पहले भी औद्योगिक इकाइयों में गैस रिसाव की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सामाजिक और किसान संगठन समय-समय पर सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

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वहीं प्लांट के प्रबंधक मनीष चौधरी का कहना है कि वह निजी कार्य से बाहर हैं और उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। घटना के बाद स्थानीय लोग प्रशासन से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की सख्त जांच की मांग कर रहे हैं।

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