पत्नी की हत्या कर राख तालाब में बहाई, पांच माह बाद खुला खौफनाक राज… पति, देवर और मामा गिरफ्तार

खबर शेयर करें

गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल: पहले गला घोंटा, फिर शव जलाकर मिटाने की कोशिश, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक महिला की हत्या का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पति, देवर और मामा ने मिलकर महिला की हत्या की, फिर शव को जलाकर उसके अवशेष तालाब में फेंक दिए। करीब पांच माह बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला थाना मुरादनगर क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार मृतका सोनिया के भाई ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसकी बहन को उसके पति और ससुराल पक्ष के लोग अपने साथ ले गए हैं और उसका कोई पता नहीं चल रहा है। शिकायत में यह भी बताया गया था कि परिवार की एक बच्ची को डराया-धमकाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

यह भी पढ़ें 👉  अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू, अब तक 2.52 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसके बाद गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर पति प्रविन्द्र, देवर विनोद और उनके मामा ब्रह्मपाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने हत्या की पूरी साजिश और वारदात का खुलासा कर दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतका के हड्डी और अन्य अवशेष भी बरामद किए, जिसके बाद मामले में हत्या की धाराएं बढ़ा दी गईं।

पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रविन्द्र ने बताया कि उसकी शादी करीब 12 वर्ष पहले सोनिया से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। उसने दावा किया कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। कुछ वर्ष पहले भी विवाद के बाद सोनिया मायके चली गई थी और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे बाद में समझौते के जरिए समाप्त कर दिया गया था।

यह भी पढ़ें 👉  टीवी सिंगर पवनदीप राजन सड़क हादसे में घायल, चालक को झपकी आना बनी वजह

आरोपियों के मुताबिक बाद में परिवार मुरादनगर के सूर्या विहार क्षेत्र में रहने लगा, लेकिन घरेलू विवाद लगातार जारी रहे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि एक पारिवारिक विवाद के बाद उन्होंने सोनिया की हत्या की योजना बनाई।

जांच में सामने आया कि 29 जनवरी 2026 की शाम प्रविन्द्र और विनोद सोनिया को घर की ऊपरी मंजिल पर ले गए। वहां पहले उसे फंदे के सहारे लटकाया गया और जब उसकी सांसें चलती रहीं तो तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।

वारदात के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए अपने मामा ब्रह्मपाल से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार ब्रह्मपाल ने शव को जलाने की सलाह दी। इसके बाद शव को गांव सिग्नलपुर के जंगल क्षेत्र में ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। बाद में शव की राख और अवशेषों को तालाब में फेंक दिया गया ताकि पहचान और सबूत दोनों मिटाए जा सकें।

यह भी पढ़ें 👉  ‘अप्रकाशित’ किताब पर सियासी संग्राम, जनरल नरवणे मामले में राहुल गांधी का बड़ा सवाल

हालांकि पुलिस जांच में आरोपियों की साजिश ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू विवाद किस तरह कभी-कभी भयावह आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page