पत्नी समेत परिवार के सात सदस्यों को अलग-अलग समय पर घर बुलाने का दावा, सिलबट्टे के पत्थर से हत्या का आरोप, सात साल के मासूम का शव नंदी हिल्स के पास मिला
बंगलूरू। करीब 20 साल तक साथ रहे पति-पत्नी के रिश्ते में आई दरार ने ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया कि पूरा परिवार उजड़ गया। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में एक कैब ड्राइवर पर अपनी पत्नी, सास, सालों और परिवार के अन्य सदस्यों समेत सात लोगों की हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय शेखर उर्फ इंदुशेखर ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दो दिनों के भीतर राजाजीनगर स्थित अपने घर में परिवार के सदस्यों को अलग-अलग समय पर बुलाया। आरोप है कि उसने सिलबट्टे के पत्थर से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद कुछ शवों को अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस अभी आरोपी के दावों और घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
मायके वालों का हस्तक्षेप बना विवाद की वजह?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, शेखर और सुनीता की शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। पिछले कुछ समय से दोनों के बीच वैवाहिक संबंधों को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने पर सुनीता के मायके वाले हस्तक्षेप करते थे और उसका समर्थन करते थे।
पुलिस को आशंका है कि शेखर इसी बात से नाराज था। उसे लगता था कि पत्नी के परिवार वाले उसकी शादीशुदा जिंदगी में दखल दे रहे हैं। इसी रंजिश में उसने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और साजिश की पूरी कहानी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पार्टी के बहाने सालों को बुलाया, फिर हत्या का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अपने सालों शिवकुमार और शंकर को घर पर पार्टी देने के बहाने बुलाया था। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उसने दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद सास रूपावती और परिवार की अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया गया।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपी ने सबसे पहले अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की थी। इसके बाद उसने परिवार के अन्य सदस्यों को अलग-अलग समय पर घर बुलाया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सभी हत्याएं कब और किस क्रम में हुईं।
एक मासूम की भी गई जान, नंदी हिल्स के पास मिला शव
इस कथित सामूहिक हत्याकांड में सात वर्षीय पुनीत की मौत ने मामले को और भी दर्दनाक बना दिया है। बच्चे का शव चिक्कबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कुछ शवों को अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की थी।
मृतकों की पहचान आरोपी की पत्नी सुनीता, सास रूपावती, साले शिवकुमार और शंकर, परिवार की बहुएं दिव्या और नलिनी तथा सात वर्षीय पुनीत के रूप में हुई है।
नलिनी की गुमशुदगी से खुला हत्याकांड का राज
मामले का खुलासा परिवार की सदस्य नलिनी के लापता होने के बाद हुआ। काफी समय तक उसका पता नहीं चलने पर उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की तो शेखर पर संदेह गहराने लगा।
इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर कई हत्याओं में अपनी भूमिका बताई। इसके बाद मामला सात लोगों की हत्या से जुड़े सामूहिक हत्याकांड के रूप में सामने आया।
पुलिस के सामने कई सवाल
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने वारदात को किस तरह अंजाम दिया, सभी हत्याओं के बीच कितना समय था और शवों को किन स्थानों पर ठिकाने लगाया गया। साथ ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, कथित साजिश और घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाया जा रहा है।

