देहरादून। नए साल में उत्तराखंड पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। राज्य के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस कॉन्क्लेव में देशभर से पर्यटन से जुड़े हितधारक शामिल होंगे और विशेष रूप से वेडिंग टूरिज्म, साहसिक पर्यटन और जिम्मेदार पर्यटन पर जोर दिया जाएगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की बैठक में कॉन्क्लेव के आयोजन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। यह दो दिवसीय बी2बी कॉन्क्लेव इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
कॉन्क्लेव में होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सक्रिय भागीदारी रहेगी। सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड को वेडिंग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
कॉन्क्लेव में देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, वेडिंग प्लानर्स, इवेंट और कॉन्सर्ट आयोजकों के साथ-साथ साहसिक पर्यटन से जुड़ी संस्थाओं को अपने उत्पादों और सेवाओं को एक्सपो व डिस्प्ले प्रारूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वेडिंग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल टूरिज्म और जिम्मेदार पर्यटन पर केंद्रित बी2बी मीटिंग्स और थीमैटिक सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा।
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस कॉन्क्लेव से न केवल राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
