देहरादून। प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया गुणवत्ता पर रोक लगाने के लिए सरकार अब और सख्त कदम उठाने जा रही है। मिलावटी खाद्य पदार्थों से बढ़ रहे कैंसर के मामलों को देखते हुए सरकार ऐसे रसायनों की पहचान करने के लिए नई नियमावली तैयार करेगी। साथ ही हर महीने प्रदेशभर में एक सप्ताह तक मिलावट के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
विधानसभा सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और खाद्य पदार्थों में मिलावट भी इसका एक बड़ा कारण हो सकती है। इसलिए मिलावट रोकने के लिए प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नियमित रूप से सैंपल लेकर उनकी जांच की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि कैंसर का कारण बनने वाले रसायनों की पहचान कर उन्हें नियंत्रित करने के लिए सरकार जल्द ही एक विस्तृत नियमावली तैयार करेगी।
हर महीने चलेगा मिलावट विरोधी अभियान
भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय होकर सैंपल लेता है, लेकिन सालभर नियमित जांच जरूरी है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सहमति जताते हुए कहा कि अब सरकार हर महीने एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेगी।
हाट बाजारों में भी होगी जांच
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रदेश में लगने वाले पारंपरिक हाट बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के भी सैंपल लिए जाएंगे, ताकि ग्रामीण और स्थानीय बाजारों में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की भी निगरानी हो सके।
देहरादून में बन रही अत्याधुनिक लैब
मंत्री ने बताया कि खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच को तेज करने के लिए देहरादून में नई प्रयोगशाला बनाई जा रही है। यह लैब 31 मार्च 2026 तक तैयार हो जाएगी। इसके शुरू होने के बाद सैंपलों की जांच में तेजी आएगी और कार्रवाई भी जल्द हो सकेगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती का प्रस्ताव
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 28 पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
330 सैंपल गुणवत्ता में फेल
भाजपा विधायक विनोद चमोली के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान कुल 3311 खाद्य सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 330 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। ऐसे मामलों में संबंधित निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि नियमित जांच, नई लैब और सख्त नियमों के जरिए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
