Uttarakhand: देहरादून से राहुल गांधी का केंद्र पर वार, बोले- ‘हर पेपर की कीमत तय, पैसा दो और प्रश्नपत्र लो’

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून शुक्रवार को उस समय देशभर में चर्चा का केंद्र बन गई, जब कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में पेपर लीक को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। हजारों छात्रों और युवाओं से खचाखच भरे बन्नू स्कूल मैदान में राहुल गांधी ने कहा कि “देश में पेपर लीक का पूरा मेन्यू कार्ड तैयार है। यहां हर परीक्षा की कीमत तय है। पैसा दो और पेपर लो।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म हो चुकी है और संगठित तरीके से पेपर लीक कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, परिवार लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन कुछ लोग पैसे के दम पर पूरी व्यवस्था को खरीद लेते हैं।

‘नीट से लेकर पटवारी भर्ती तक… हर परीक्षा का तय है रेट’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की कीमत तय है। उन्होंने कहा कि नीट का पेपर 40 लाख रुपये, आईआईटी प्रवेश परीक्षा का 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती का 15 लाख रुपये, बिहार बेसिक शिक्षक भर्ती का 10 लाख रुपये और सब-इंस्पेक्टर भर्ती का पेपर 25 लाख रुपये तक में बेचा जाता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई भ्रष्ट नेटवर्क से जुड़ जाए तो प्रश्नपत्र मोबाइल फोन तक पहुंचा दिया जाता है, जबकि ईमानदारी से तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर हो जाते हैं।

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‘रोजगार के पांच दरवाजे… चार बंद, पांचवां भी भ्रष्टाचार की भेंट’

राहुल गांधी ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में रोजगार के पांच प्रमुख रास्ते हैं—विनिर्माण, उद्यमिता, कॉरपोरेट, निजी क्षेत्र और सरकारी नौकरी। उनके अनुसार पहले चार क्षेत्रों में अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं, जबकि सरकारी नौकरियों में भी प्रतिभा नहीं बल्कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय तभी मिलेगा जब परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाई जाएगी।

रिया थापा के पिता की कहानी सुनकर भावुक हुआ पूरा पंडाल

कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण तब आया, जब नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया थापा के पिता राजेश गुरुंग मंच पर पहुंचे।

उन्होंने भर्राई आवाज में बताया कि परीक्षा देकर लौटने के बाद उनकी बेटी बेहद खुश थी। उसे विश्वास था कि उसका चयन हो जाएगा। लेकिन कुछ दिनों बाद जब पेपर लीक की खबर सामने आई तो वह पूरी तरह टूट गई। उसने कहा था—“पापा, हमारे साथ धोखा हुआ है।” इसके बाद उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।

अपनी बेटी को याद करते हुए राजेश गुरुंग मंच पर ही फफक पड़े। पूरा पंडाल कुछ क्षणों के लिए शांत हो गया। राहुल गांधी भी गंभीर मुद्रा में उनकी बात सुनते रहे।

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‘सरकार खुद कराए परीक्षाएं, निजी कंपनियों को न मिले जिम्मेदारी’

राहुल गांधी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का संचालन पूरी तरह सरकार के हाथ में होना चाहिए। निजी कंपनियों को यह जिम्मेदारी सौंपने से जवाबदेही कमजोर होती है। उन्होंने मांग की कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था बनाई जाए, परीक्षा प्रक्रिया में रैंडमाइजेशन लागू किया जाए और शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जिन छात्रों का नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए।

ऑनलाइन शिक्षक अभिनय शर्मा ने भी उठाए तीखे सवाल

कार्यक्रम में प्रसिद्ध ऑनलाइन गणित शिक्षक अभिनय शर्मा ने भी परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं तो फिर जवाबदेही किसकी होगी? उन्होंने परीक्षाओं में गलत प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए छात्रों से वसूले जाने वाले शुल्क को भी अनुचित बताया और इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।

बारिश भी नहीं रोक सकी युवाओं की भीड़

लगातार बारिश के बावजूद बन्नू स्कूल मैदान में हजारों छात्र और युवा कार्यक्रम में पहुंचे। राहुल गांधी के मंच पर आने से पहले रैपर कर्मा समेत कई कलाकारों ने प्रस्तुति देकर माहौल को जोशीला बनाए रखा। युवाओं ने गीत-संगीत का भरपूर आनंद लिया और राहुल गांधी के मंच पर पहुंचते ही पूरा मैदान नारों और तालियों से गूंज उठा।

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इस बार कार्यक्रम की प्रस्तुति भी अलग अंदाज में देखने को मिली। मंच पर राहुल गांधी अकेले रहे, जबकि प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता युवाओं के बीच बैठकर कार्यक्रम का हिस्सा बने। इससे पूरा आयोजन एक राजनीतिक सभा की बजाय छात्रों के संवाद कार्यक्रम जैसा नजर आया।

पटवारी भर्ती के अभ्यर्थियों ने सुनाया अपना दर्द

मंच से उत्तराखंड पटवारी भर्ती और बिहार की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि वर्षों की तैयारी के बाद जब पेपर लीक होने की खबर मिली तो उनका मनोबल टूट गया। बिहार के एक छात्र ने कहा कि एक ही भर्ती परीक्षा का तीन बार पेपर लीक हो चुका है और अब युवाओं का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठने लगा है।

बैठक और श्रद्धांजलि से हुई दिन की शुरुआत

इससे पहले राहुल गांधी दोपहर में जौलीग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे। उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद एक निजी होटल में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक की। शाम को उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद कर पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने का प्रयास किया।

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