अल्मोड़ा। जिस घर में सोमवार को शादी की 18वीं सालगिरह का जश्न मनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहीं कुछ ही घंटों बाद चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया। नगर के विवेकानंदपुरी वार्ड निवासी और मासी महाविद्यालय में योग प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत 38 वर्षीय लता साह की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं है।
जानकारी के अनुसार लता साह अपने पति मोहित साह और 13 वर्षीय पुत्र के साथ विवेकानंदपुरी क्षेत्र में रहती थीं। सोमवार की सुबह घर में सामान्य दिनों की तरह ही माहौल था। परिवार शादी की 18वीं सालगिरह को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ था। केक मंगाया जा चुका था और शाम को कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह खुशियां हमेशा के लिए बिखर जाएंगी।
बताया जा रहा है कि सुबह मोहित साह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे। इसी दौरान घर में मौजूद लता साह ने कथित तौर पर रसोईघर का दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद घर से धुआं उठता दिखाई दिया और चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी परिजनों को दी।
स्थानीय लोगों ने दरवाजा और खिड़की तोड़कर भीतर प्रवेश किया, लेकिन तब तक लता गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही अस्पताल और मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सुबह तक जहां सालगिरह की खुशियों की चर्चा थी, वहीं दोपहर तक पूरा परिवार गम में डूब चुका था। महिला की मौत से पति बेसुध हो गया, जबकि 13 वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की हालत देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लता साह अपने मिलनसार स्वभाव और सामाजिक व्यवहार के लिए जानी जाती थीं। मासी महाविद्यालय में योग प्रशिक्षक के रूप में वह लंबे समय से सेवाएं दे रही थीं और विद्यार्थियों के बीच भी लोकप्रिय थीं। उनकी असामयिक मौत की खबर से शिक्षा जगत और परिचितों में भी शोक की लहर है।
मामले से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 25 दिन पहले भी लता साह ने आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय उन्होंने कथित रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। हालांकि समय रहते उन्हें उपचार मिल गया और उनकी जान बच गई थी। इसके बाद परिजन और परिचित उनकी देखभाल कर रहे थे, लेकिन सोमवार को घटी घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है तथा घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानसिक तनाव और अवसाद जैसे मुद्दों पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। एक ओर जहां परिवार शादी की सालगिरह की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर कुछ ही पलों में पूरा घर शोक में डूब गया। अल्मोड़ा में हुई इस घटना की चर्चा पूरे दिन लोगों के बीच होती रही और हर कोई यही कहता नजर आया कि आखिर ऐसी कौन सी पीड़ा थी, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन लीं।

