मानसून ने पकड़ी रफ्तार: 16 राज्यों तक पहुंचा, उत्तर भारत में अभी भी गर्मी का कहर, जल्द मिल सकती है राहत

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नई दिल्ली। कुछ दिनों की सुस्ती के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 16 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को कवर कर चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों तक पहुंच जाएगा, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।

देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में लगातार अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के सभी सात राज्यों में भी मानसून पहुंच चुका है और कई इलाकों में भारी वर्षा का दौर जारी है।

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मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते इन क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय के कई स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।

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एक ओर जहां देश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश लोगों को राहत दे रही है, वहीं उत्तर भारत अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में है। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। राजस्थान का श्रीगंगानगर सोमवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में पारा 44.8 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हरियाणा के रोहतक में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जबकि पंजाब के पटियाला में 42.6 डिग्री और झारखंड के डाल्टनगंज में 43.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत के लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार एवं पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग का मानना है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ अपेक्षित रूप से सक्रिय होता है तो उत्तर भारत में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रभाव में कमी आ सकती है। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों की निगाहें मानसून की अगली प्रगति और संभावित बारिश पर टिकी हुई हैं, जो गर्मी से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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