Uttarakhand: सरकारी कामकाज में हिंदी को बढ़ावा देने पर जोर, सीबीसी की कार्यशाला में अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

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देहरादून। सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), देहरादून में राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रादेशिक कार्यालय केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा नीति के प्रावधानों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे चौक स्थित जीबीओ कंपाउंड में आयोजित कार्यशाला में सरकारी पत्राचार, फाइलों में नोटिंग, ड्राफ्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के प्रभावी प्रयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों को सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनकी दैनिक प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाना भी रहा।

राजभाषा नीति और हिंदी दिवस के महत्व पर चर्चा

कार्यशाला में पूर्व प्रबंधक, राजभाषा महिमानंद भट्ट ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस के महत्व और राजभाषा नीति से जुड़े प्रावधानों पर जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में हिंदी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग जितना सहज और सरल होगा, उतनी ही प्रभावी ढंग से इसे दैनिक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा सकेगा।

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उन्होंने कार्यशाला के दो सत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक पत्राचार, फाइल नोटिंग तथा ड्राफ्टिंग के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी। इसके अलावा डिजिटल माध्यमों पर हिंदी में काम करने के तरीकों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।

महिमानंद भट्ट ने कहा कि प्रशासनिक पत्राचार और फाइल नोटिंग में राजभाषा के सरल स्वरूप को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों से दैनिक सरकारी कामकाज में बिना झिझक हिंदी का प्रयोग करने और इसे प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

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डिजिटल दौर में हिंदी के प्रयोग पर जोर

पीआईबी देहरादून के मीडिया संचार अधिकारी अनिल दत्त शर्मा ने डिजिटल माध्यमों में हिंदी के बढ़ते इस्तेमाल पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक ने हिंदी में सरकारी कामकाज को पहले की तुलना में अधिक सुगम बनाया है।

उन्होंने कहा कि कंप्यूटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य तकनीकी साधनों का बेहतर उपयोग कर सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग का दायरा तेजी से बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल माध्यमों में भी हिंदी को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

हिंदी पखवाड़े में होंगी प्रतियोगिताएं

कार्यशाला के दौरान हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। सीबीसी देहरादून और पीआईबी देहरादून के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए हिंदी टाइपिंग, टिप्पणी लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से कर्मचारियों को सरकारी कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

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सरकारी कामकाज में बढ़े हिंदी का इस्तेमाल

कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे नियमित कार्यालयीन कामकाज का हिस्सा बनाया जाए। पत्राचार, टिप्पणियों, प्रारूप तैयार करने और डिजिटल संचार में सरल एवं सहज हिंदी का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है।

कार्यशाला में केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून और प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी), देहरादून के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग, राजभाषा नीति के अनुपालन और डिजिटल माध्यमों में हिंदी को बढ़ावा देने को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी दी गई।

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