नैनीताल। जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट/ जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अदालत ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत सात कुख्यात अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
जिला प्रशासन के अनुसार इन सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी, मारपीट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और जुआ अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
जिला बदर किए गए आरोपियों में शास्त्री नगर लालकुआं निवासी सुंदर बिष्ट उर्फ देवा शामिल है, जिसके खिलाफ आबकारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस से जुड़े छह मुकदमे दर्ज हैं।
रामनगर के टेढ़ा रोड निवासी सूरज आर्य पर चोरी और बीएनएस की धाराओं में चार मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
मुखानी थाना क्षेत्र की कौशल कॉलोनी मल्ली बमौरी निवासी आनंद डसीला के खिलाफ हत्या के प्रयास, धमकी, मारपीट और धोखाधड़ी के पांच मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं बनभूलपुरा के जवाहर नगर निवासी बाबूराम पर एक्साइज एक्ट के छह मुकदमे दर्ज हैं।
इसके अलावा नई बस्ती गूलरघाटी रामनगर निवासी जुबैर पुत्र कलुआ चोरी और एनडीपीएस मामलों में, गांधीनगर बनभूलपुरा निवासी कुणाल सोनकर मारपीट, बलवा और जुआ अधिनियम के मामलों में तथा पप्पू का बगीचा बनभूलपुरा निवासी रिजवान उर्फ मंत्री एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में संलिप्त पाए गए हैं।
आदेश उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी आरोपियों की गतिविधियों को जनहित, शांति व्यवस्था और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छह माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर की अवधि के दौरान यदि कोई भी आरोपी जनपद की सीमा में प्रवेश करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनपद में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

