Uttarakhand: पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

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देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Bhuvan Chandra Khanduri का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है और राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी और उनके आवास पर नेताओं, समर्थकों तथा परिजनों का लगातार आना-जाना लगा हुआ था। उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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सेना से राजनीति तक का सफर

उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी का राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन काफी प्रभावशाली रहा। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ। बताया जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee ने उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था।

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1990 के दशक में जब खंडूड़ी सेना से सेवानिवृत्त होकर देहरादून लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनका राजनीतिक जीवन नई दिशा में आगे बढ़ा। बाद में उन्होंने उत्तराखंड की राजनीति में एक मजबूत और साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।

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साफ छवि और सख्त प्रशासन के लिए रहे चर्चित

भुवन चंद्र खंडूड़ी को उनके सादगीपूर्ण जीवन, अनुशासित कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के लिए याद किया जाता है। राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड की राजनीति में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मुख्यमंत्री के रूप में कई प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा में रहे।

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