एकलव्य के निर्णायक गोल से एनडीएस ऋषिकेश ने जीता खिताब, 50 प्लस फाइनल में गढ़वाल राइफल्स ने उत्तराखंड एफसी को 2-1 से हराया
देहरादून। उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप 2026 में युवा खिलाड़ियों के जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के शानदार खेल का रोमांच देखने को मिला। प्रतियोगिता के अंडर-15 वर्ग में एनडीएस ऋषिकेश ने खिताब अपने नाम किया, जबकि 50 प्लस वर्ग में गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम चैंपियन बनी। प्रतियोगिता का आयोजन देहरादून फुटबॉल एकेडमी (डीएफए) और खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
आयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, प्रतियोगिता में प्रदेशभर से अंडर-15 वर्ग की 16 और 50 प्लस वर्ग की 12 टीमों ने हिस्सा लिया। लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 500 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
एकलव्य के निर्णायक गोल से चैंपियन बना एनडीएस ऋषिकेश
अंडर-15 वर्ग का फाइनल मुकाबला देहरादून फुटबॉल एकेडमी और एनडीएस ऋषिकेश के बीच खेला गया। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मैच के 55वें मिनट में एनडीएस ऋषिकेश के एकलव्य ने निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को खिताबी जीत दिला दी।
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले एकलव्य को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। वहीं, देहरादून फुटबॉल एकेडमी के कार्तिक राणा को बेहतरीन गोलकीपिंग के लिए बेस्ट गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया।
50 प्लस वर्ग में गढ़वाल राइफल्स ने उत्तराखंड एफसी को दी शिकस्त
50 प्लस वर्ग के फाइनल में गढ़वाल राइफल्स एक्स-आर्मी टीम और उत्तराखंड एफसी आमने-सामने रहीं। मुकाबले में गढ़वाल राइफल्स ने शानदार खेल दिखाते हुए उत्तराखंड एफसी को 2-1 से पराजित कर चैंपियनशिप जीत ली।
विजेता टीम की ओर से मनीष शर्मा और अमन ने गोल किए, जबकि उत्तराखंड एफसी की ओर से सुरेंद्र पुन ने एकमात्र गोल दागा। गढ़वाल राइफल्स के राहुल बिजलवान को बेस्ट गोलकीपर और उत्तराखंड एफसी के अमन को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल, प्रमाणपत्र, बैग और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण पूर्व भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी कमल सिंह रावत, राष्ट्रीय खिलाड़ी विमल सिंह रावत, मनोज नेगी, खड़क बहादुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को 7,000 रुपये और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को 5,000 रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
27 वर्षों से फुटबॉल को बढ़ावा दे रही देहरादून फुटबॉल एकेडमी
प्रतियोगिता के आयोजक, देहरादून फुटबॉल एकेडमी के संस्थापक अध्यक्ष एवं हेड कोच तथा खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ उत्तराखंड के महासचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी खिलाड़ियों, सहयोगियों और गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विशेष रूप से रेफरी वरुण चौहान, हिमांशु प्रजापति, हर्षित, मनोज और आशीष नेगी सहित अन्य सहयोगियों के योगदान की सराहना की।
डॉ. रावत ने बताया कि देहरादून फुटबॉल एकेडमी पिछले 27 वर्षों से विभिन्न आयु वर्गों की फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इस दौरान हजारों युवाओं को फुटबॉल में आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। एकेडमी ने खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच और रेफरी तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अस्वस्थ जीवनशैली से दूर रखने के साथ अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है। फुटबॉल के माध्यम से युवाओं को बेहतर दिशा देना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अवसर उपलब्ध कराना एकेडमी का प्रमुख उद्देश्य है।
1 नवंबर को देहरादून में होगा इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन ट्रायल
फुटबॉल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से आगामी 1 नवंबर 2026 को इंडिया खेलो फुटबॉल का नॉर्थ जोन नेशनल ट्रायल आयोजित किया जाएगा। डॉ. रावत के अनुसार, यह ट्रायल देहरादून फुटबॉल एकेडमी के मैदान पर होगा, जो गूलर घाटी रोड स्थित भागीरथी एन्क्लेव, देहरादून में है।
ट्रायल में वर्ष 2009 से 2016 के बीच जन्मे खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकेंगे। इसमें चयनित खिलाड़ियों को दिसंबर में होने वाले नेशनल ट्रायल में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इसके बाद चयनित खिलाड़ियों को पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित फाइनल सिलेक्शन प्रक्रिया में भाग लेने का मौका दिया जाएगा।
डॉ. रावत ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और देश-विदेश के पेशेवर फुटबॉल क्लबों तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उत्तराखंड चैलेंज फुटबॉल कप की सफलता ने एक बार फिर प्रदेश में फुटबॉल प्रतिभाओं को मंच देने और खेल संस्कृति को मजबूत करने के प्रयासों को रेखांकित किया।

