दो घंटे इलाज, फिर मौत… शव देने से पहले 30 हजार की मांग! निजी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर पर FIR

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हल्द्वानी। अल्मोड़ा जिले की निवासी एक महिला की मौत के बाद शव को बंधक बनाकर परिजनों से पैसे मांगने के आरोप में हल्द्वानी के एक बड़े निजी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़ित पति की शिकायत पर पुलिस ने जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

टैक्सी चालक नंदन बिरौड़िया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि तीन दिसंबर की शाम वह अपनी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से रेफर कराकर भोटिया पड़ाव चौकी क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचा था। पत्नी 108 एंबुलेंस से स्वयं उतरकर व्हीलचेयर पर बैठी और इमरजेंसी वार्ड में पहुंची थी।

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आरोप है कि अस्पताल में इलाज शुरू करने से पहले ही 50 हजार रुपये नकद जमा कराए गए। इसके बाद करीब सात हजार रुपये के अलग-अलग जांच टेस्ट कराए गए। शाम करीब साढ़े छह बजे महिला को आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उसकी मौत की जानकारी दे दी।

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पीड़ित का आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने शव सौंपने से पहले 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की। मजबूर होकर उसने इसकी शिकायत एसएसपी से की। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने निजी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक के खिलाफ जबरन वसूली की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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एसपी सिटी मनोज कत्याल ने पुष्टि करते हुए बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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