हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारियों पर संपत्ति कर थोपे जाने के फैसले ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर गेट पर व्यापारियों ने निगम के खिलाफ़ जमकर प्रदर्शन किया और कर नोटिस को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम व्यापारियों की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से कर वसूली की तैयारी कर रहा है। कोरोना काल के बाद से लगातार मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालना सरासर अनुचित है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निगम ने यह नोटिस वापस नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र होगा।
व्यापारी नेताओं का आरोप है कि नगर निगम के पास बुनियादी सुविधाएं तक दुरुस्त नहीं हैं। सड़कों की खस्ता हालत, सीवर व जल निकासी की समस्या, कचरे का ढेर और अव्यवस्थित यातायात जैसी परेशानियों से जूझ रहे शहर में कर वसूली की कार्रवाई समझ से परे है। उनका कहना है कि पहले निगम को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए, उसके बाद ही व्यापारियों पर कर का बोझ डालने की बात करनी चाहिए।
प्रदर्शन में एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप सब्बरवाल, महामंत्री खीमानंद शर्मा, मंसूर खान, इन्दर भुटियानी, हाजी नफीस, चन्द्रशेखर पांडे, पंकज बोरा, राजेश पुरी, शंकर भुटियानी, भूपेन्द्र भसीन, लक्ष्मण सिंह नेगी, अंकुर, तारा, विक्की समेत बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने साफ कहा कि नगर निगम यदि पीछे नहीं हटा तो आने वाले दिनों में हल्द्वानी की सड़कों पर बड़ा आंदोलन होगा।