हल्द्वानी/रुद्रपुर। कुमाऊं मंडल में ऊधमसिंह नगर से लेकर हल्द्वानी तक फैली टैक्स चोरी की गतिविधियां अब एक बड़े और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रही हैं। राज्य कर विभाग के भीतर चल रहे इस पूरे खेल को लेकर सूत्रों ने चौंकाने वाले दावे किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस नेटवर्क को विभाग के ही एक कथित अधिकारी की सीधी शह प्राप्त है। बताया जा रहा है कि उक्त अधिकारी को शासन स्तर पर बैठे उच्च अधिकारियों का संरक्षण हासिल है, जिसके चलते वह बेखौफ होकर टैक्स चोर ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर इस पूरे खेल को संचालित कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सुर्खियों में रहने के बावजूद भी संबंधित अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह आशंका और गहरी हो रही है कि यह सब कुछ महज लापरवाही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘प्री-प्लान सिस्टम’ के तहत चल रहा खेल है।
सूत्रों का दावा है कि उक्त अधिकारी की टैक्स चोरी से जुड़े कारोबारियों के साथ पुरानी सांठगांठ है। यही वजह है कि ऊधमसिंह नगर से लेकर हल्द्वानी तक यह नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है और सिस्टम पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है।
इतना ही नहीं, बाहरी राज्यों से टैक्स चोरी का माल कुमाऊं तक पहुंचाने के बदले ट्रांसपोर्ट कारोबारी हर महीने मोटा ‘कमीशन’ कथित अधिकारी तक पहुंचाते हैं। आरोप यह भी है कि उक्त अधिकारी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सिफारिश के दम पर मनचाही तैनाती हासिल की, ताकि इस अवैध खेल को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जा सके।
सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त अधिकारी का नाम ऊधमसिंह नगर में सामने आए एक बड़े मनी कांड से भी जुड़ा बताया जा रहा है, इस कांड से जल्द पर्दा उठाया जायेगा।
जानकारी के अनुसार बरेली, दिल्ली, गाजियाबाद समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़े ट्रकों के जरिए दिन-रात टैक्स चोरी का माल कुमाऊं मंडल में पहुंच रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस खेल के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह संकेत मिल रहे हैं कि इस पूरे मामले के पीछे ऊपर से नीचे तक फैला संगठित भ्रष्टाचार काम कर रहा है।
ऐसे में अब जरूरत है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो, ताकि टैक्स चोरी के इस खेल के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
