मुंडन संस्कार से लौट रहा था परिवार, रास्ते में काल बनकर आई खाई, सात लोगों की दर्दनाक मौत

खबर शेयर करें

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई। चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के समीप एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार सभी सात लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन महिलाएं, तीन पुरुष और वाहन चालक शामिल हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में सवार सभी लोग ग्राम पंचायत महल के सपरोठ गांव के निवासी थे। वे काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। परिवार और रिश्तेदारों के साथ खुशी-खुशी लौट रहे लोगों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह सफर आखिरी साबित होगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: मुंबई पुलिस का एसपी बनकर बुजुर्ग दंपती से 44 लाख की ठगी, डिजिटल अरेस्ट में रखा दो दिन

बताया जा रहा है कि छतरूंड के समीप पहुंचते ही वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बोलेरो सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिरने के कारण वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। खाई की गहराई और दुर्गम भूभाग के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी मुश्किल भरा रहा। बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद सभी शवों को खाई से बाहर निकाला। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  भीषण सड़क हादसा: बोलेरो-लॉरी की टक्कर में 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

दुर्घटना की खबर जैसे ही सपरोठ गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। जिन परिवारों में कुछ समय पहले तक मांगलिक कार्यक्रम की खुशियां थीं, वहां अचानक चीख-पुकार और शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।

पुलिस और प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, लेकिन सड़क की स्थिति, वाहन में तकनीकी खराबी और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की मुश्किलें बढ़ीं, केरल कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में संकरी सड़कों, तीखे मोड़ों और गहरी खाइयों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

इस हादसे ने सात परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। मुंडन संस्कार से लौट रहे लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है और हर आंख नम है।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page