नई दिल्ली: 2008 के मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उसने अब अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स से अपील की है। इससे पहले, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एलेना कागन ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था।
4 अप्रैल को हो सकती है सुनवाई
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, तहव्वुर राणा की अपील पर 4 अप्रैल को सुनवाई संभव है। अपनी याचिका में उसने भारत में प्रत्यर्पण रोकने की गुहार लगाई है। उसका दावा है कि भारत में उसे प्रताड़ित किया जा सकता है और उसकी जान को खतरा है।
भारत में प्रताड़ना का डर जताया
राणा ने अपने तर्क में कहा कि वह पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है और पूर्व में पाकिस्तानी सेना में सेवाएं दे चुका है। उसने दावा किया कि भारत में उसे प्रताड़ित किया जा सकता है, खासकर उसकी खराब सेहत को देखते हुए।
मुंबई हमले के साजिशकर्ता के तौर पर आरोपी
गौरतलब है कि तहव्वुर राणा को 2008 के मुंबई हमले का प्रमुख साजिशकर्ता माना जाता है। वह आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है और लश्कर-ए-तैयबा व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध रखने के आरोपों का सामना कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, भारत को सौंपा जाएगा राणा
फरवरी में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि तहव्वुर राणा को भारत को सौंपा जाएगा। इसके बावजूद, राणा लगातार प्रत्यर्पण से बचने की कोशिशों में जुटा हुआ है। अब देखना होगा कि 4 अप्रैल को उसकी अपील पर क्या फैसला होता है।