रूस-यूक्रेन युद्ध फिर भड़का: 347 ड्रोन मार गिराने का दावा, विक्ट्री डे से पहले बढ़ा तनाव

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मॉस्को/कीव। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। रूस ने दावा किया है कि उसने गुरुवार रात यूक्रेन की ओर से दागे गए 347 ड्रोन को मार गिराया, जो युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह ड्रोन हमला मॉस्को समेत 20 से अधिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर किया गया था। हमले के चलते राजधानी मॉस्को में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय करना पड़ा। इसका असर हवाई यातायात पर भी पड़ा, जहां प्रमुख एयरपोर्ट्स—शेरेमेत्येवो, डोमोडेडोवो और वनुकोवो—से करीब 100 उड़ानें रद्द या देरी से संचालित हुईं।

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यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है, जब रूस 9 मई को होने वाले विक्ट्री डे की तैयारी कर रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की याद में मनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय आयोजन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

हालांकि रूस ने इस मौके पर एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस लगातार ड्रोन, मिसाइल और तोपखाने से हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन शांति के लिए तैयार था, लेकिन रूस सिर्फ विक्ट्री डे परेड को सुरक्षित रखना चाहता है।

उधर, यूक्रेन ने भी दावा किया है कि उसने रूस द्वारा दागे गए 102 ड्रोन में से 92 को मार गिराया। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में रूसी हमले में तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए हैं।

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विक्ट्री डे से पहले रूस ने राजधानी में सुरक्षा और कड़ी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 9 मई को मॉस्को में मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवाएं भी बंद की जा सकती हैं। इस बार परेड में भारी सैन्य उपकरणों की मौजूदगी सीमित रहने की संभावना है, जो बीते दो दशकों में पहली बार होगा।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। वहीं रूस ने चेतावनी दी है कि अगर विक्ट्री डे समारोह में कोई बाधा डालने की कोशिश हुई, तो यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा जवाबी हमला किया जा सकता है।

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इस बीच, अमेरिका की अगुवाई में चल रही शांति वार्ताओं में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। रुस्तम उमेरोव अमेरिका पहुंचे हैं, जहां उनकी ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, युद्ध के इस नए दौर ने यह साफ कर दिया है कि हालात अभी थमने वाले नहीं हैं और आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है।

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