वाशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रीय और खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच चीन सहित विरोधी देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। अमेरिकी लॉमेकर्स के एक समूह ने कृषि भूमि और संवेदनशील सैन्य व बुनियादी ढांचा स्थलों के पास विदेशी खरीद पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए नया विधेयक पेश किया है।
इस पहल का नेतृत्व जॉन मूलेनर कर रहे हैं, जिन्होंने स्पष्ट कहा कि “खाद्य सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है” और अमेरिका अपने अहम क्षेत्रों के आसपास विरोधी देशों को जमीन खरीदने की अनुमति नहीं दे सकता।
प्रस्तावित कानून के तहत CFIUS (विदेशी निवेश पर अमेरिकी समिति) के अधिकारों का विस्तार किया जाएगा, ताकि चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से जुड़ी संस्थाओं द्वारा की जाने वाली रियल एस्टेट डील्स की सख्त समीक्षा हो सके।
इसमें कृषि भूमि, सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों, एयरपोर्ट, डेटा सेंटर, दूरसंचार नेटवर्क और अन्य संवेदनशील बुनियादी ढांचे के पास की संपत्तियों को “हाई-रिस्क” श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे किसी भी सौदे को तब तक मंजूरी नहीं मिलेगी, जब तक वह कड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा जांच से पास न हो जाए।
विधेयक को दोनों प्रमुख दलों—रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों—का समर्थन मिला है। जोश गॉटहाइमर, जिमी पैनेटा और माइक थॉम्पसन जैसे नेताओं ने इसे अमेरिका की रणनीतिक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है।
इसके साथ ही अमेरिकी सांसदों ने एक और सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। जॉन मूलेनर और डेबी डिंगेल ने अमेरिकी सड़कों पर चीनी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अलग कानून लाने की योजना का ऐलान किया है। उनका कहना है कि आधुनिक वाहन “चलते-फिरते डेटा सेंटर” बन चुके हैं, जो संवेदनशील जानकारी एकत्र कर सकते हैं।
यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और ताइवान जैसे मुद्दों को लेकर तनाव पहले से ही चरम पर है।
अगर यह विधेयक पारित होता है, तो अमेरिका में विदेशी निवेश और खासकर चीन से जुड़े निवेश पर सख्त निगरानी का नया दौर शुरू हो सकता है।

