नैनीताल: जलजनित और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्वास्थ्य परीक्षण के साथ लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को सरियाताल में 33 लोगों, जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 45 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान गंभीर लक्षण पाए जाने पर 3 मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा 33 लोगों के ब्लड टेस्ट किए गए और 22 लोगों को टेली-कंसल्टेंसी के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान के दौरान 109 लोगों की काउंसलिंग भी की गई। लोगों को साफ-सफाई, स्वच्छ पानी के इस्तेमाल और मच्छरों से बचाव सहित विभिन्न सावधानियों की जानकारी दी गई।
प्रभावित क्षेत्र के मरीजों को उपचार में प्राथमिकता देने की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने ज्योलीकोट प्रभावित क्षेत्र से आने वाले मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में आईएमए अध्यक्ष को पत्र लिखा है।
सीएमओ ने अपील की है कि प्रभावित क्षेत्र से आने वाले मरीजों को उनकी पात्रता के अनुसार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मानवता के आधार पर मरीजों के उपचार को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से गंभीर मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है, ताकि उनकी स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
भीड़भाड़ से बचें, जरूरत पड़ने पर मास्क लगाएं
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी सतर्कता बरतने की अपील की है। सीएमओ ने लोगों से कहा है कि अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें।
इसके साथ ही घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है। खासतौर पर गमलों, पुराने टायरों, बर्तनों और अन्य स्थानों पर पानी जमा होने से रोकने को कहा गया है।
कूलर का पानी बदलते रहें, मच्छरों को पनपने से रोकें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कूलर का पानी नियमित रूप से बदलने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। इसलिए पानी के ऐसे सभी स्रोतों की नियमित सफाई जरूरी है। लोगों को घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा स्वच्छ पानी का ही सेवन करने की सलाह दी गई है।
जांच के साथ लगातार जारी रहेगी जागरूकता मुहिम
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी की रोकथाम केवल उपचार से नहीं, बल्कि समय रहते सावधानी बरतने से भी संभव है। लोगों को बीमारी के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज न करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि सावधानी, स्वच्छता और समय पर उपचार बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी, काउंसलिंग और जनजागरूकता गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।
