नैनीताल। ग्राहकों के खातों से बिना अनुमति धनराशि काटने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए ICICI Bank की मल्लीताल शाखा पर एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। आयोग ने बैंक की कार्यप्रणाली को लापरवाहीपूर्ण मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में अहम फैसला सुनाया। साथ ही HDFC Bank की हल्द्वानी शाखा को भी 50 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
मामला वादी नवीन सिंह बिष्ट से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2018 में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके खाते से अक्तूबर और दिसंबर 2018 में दो बार 413-413 रुपये काट लिए गए, जबकि उन्होंने किसी प्रकार का चेक जारी नहीं किया था।
सुनवाई के दौरान ICICI बैंक ने दावा किया कि एचडीएफसी बैंक के माध्यम से चेक जमा हुआ था और कंप्यूटर त्रुटि के कारण भुगतान हो गया। हालांकि आयोग के समक्ष बैंक इस दावे के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। आयोग ने बैंक के तर्कों को निराधार मानते हुए इसे सेवा में गंभीर कमी करार दिया।
आयोग ने आदेश दिया कि ICICI बैंक वादी के खाते से काटी गई 826 रुपये की राशि आठ फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए। इसके अलावा मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति के तौर पर 50 हजार रुपये और वाद व्यय के लिए 50 हजार रुपये का भुगतान भी 45 दिन के भीतर करना होगा। इतना ही नहीं, आयोग ने बैंक पर 50 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया है।
वहीं, एचडीएफसी बैंक को मामले में अनावश्यक रूप से पक्षकार बनाए जाने पर 50 हजार रुपये भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।

