Uttarakhand: विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई…फायर एनओसी के नाम पर 20 हजार रिश्वत लेते लीडिंग फायरमैन गिरफ्तार

खबर शेयर करें

कोटद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच कोटद्वार से बड़ी खबर सामने आई है। विजिलेंस टीम ने सोमवार को फायर स्टेशन में तैनात लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एक निजी स्कूल को फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी कराने के नाम पर पैसे मांग रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसके आवास पर भी छापेमारी की गई है। मंगलवार को उसे स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

Vigilance Trap: Fire Official Caught Red-Handed Taking Bribe for NOC: विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार, कोटद्वार के एक निजी स्कूल ने फायर एनओसी के लिए विधिवत आवेदन किया था। आवेदन के साथ स्कूल प्रबंधन ने सभी जरूरी सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों से जुड़े दस्तावेज भी जमा किए थे। इस फाइल की जांच की जिम्मेदारी लीडिंग फायरमैन रणवीर सिंह को सौंपी गई थी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 13 शिक्षक होंगे सम्मानित, मिलेगा शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार

बताया गया है कि रणवीर सिंह अपनी टीम के साथ स्कूल का निरीक्षण भी कर चुका था और औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं। इसके बावजूद वह फाइल को उच्चाधिकारियों के पास अग्रसारित नहीं कर रहा था। जब स्कूल प्रबंधन ने देरी का कारण पूछा तो उसने 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी।

40 हजार की डिमांड, 20 हजार में तय हुई रकम
सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन ने इतनी बड़ी रकम देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी 20 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया। रिश्वत की मांग से परेशान स्कूल प्रबंधन ने डायल 164 पर शिकायत दर्ज कराई।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: सेवा पुस्तिका गुम होने पर EE का अजीब आदेश वायरल, विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण

विजिलेंस ने शिकायत की प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम का गठन किया गया और पूरी योजना के तहत कार्रवाई की गई।

फायर स्टेशन के पास बिछाया गया जाल
सोमवार को आरोपी ने स्कूल प्रबंधक को रिश्वत की रकम लेकर फायर स्टेशन के पास बुलाया। जैसे ही उसने 20 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। मौके पर ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।

घर पर भी चली तलाशी, अहम दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के आवास पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: झंगोरा पर सरकार का फोकस, न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा जल्द

‘जीरो टॉलरेंस’ पर सरकार का सख्त संदेश
डायरेक्टर विजिलेंस डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जनता से अपील
विजिलेंस विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का संकेत मानी जा रही है।

You cannot copy content of this page