ईरान के उपराष्ट्रपति का अमेरिका-इजरायल पर निशाना: ‘हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हमला हुआ तो पूरी ताकत से करेंगे जवाब’

खबर शेयर करें

वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी देश के साथ युद्ध या टकराव नहीं चाहता, लेकिन यदि ईरान पर युद्ध थोपा गया तो वह अपनी रक्षा पूरी मजबूती और क्षमता के साथ करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के नेतृत्व वाली ताकतें अपने उद्देश्यों को हासिल करने में सफल नहीं हो सकीं और इसका श्रेय ईरानी जनता के साहस तथा हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता को जाता है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, आरिफ ने मंगलवार को तेहरान में आयोजित राष्ट्रीय कौशल सप्ताह और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: कारगिल विजय दिवस पर CM धामी का बड़ा ऐलान...परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि अब ₹2 करोड़, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों का समाधान चाहता है। उनके अनुसार, “हम युद्ध या टकराव नहीं चाहते। हम बातचीत के जरिए समस्याओं और मतभेदों का समाधान चाहते हैं। लेकिन यदि हम पर युद्ध थोपा गया, तो हम पूरी ताकत से अपनी रक्षा करेंगे।”

अमेरिका और इजरायल पर साधा निशाना

आरिफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल के नेतृत्व वाली ताकतें ईरान के खिलाफ अपने किसी भी उद्देश्य में सफल नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि यह ईरानी जनता के धैर्य, एकजुटता और मजबूत राष्ट्रीय भावना का परिणाम है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: उपनल देगा मृत कर्मचारियों के परिजनों को डेढ़ लाख, विदेशों में भी मिलेंगी नौकरियां

उन्होंने कहा कि ईरान की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता ने देश को हर चुनौती का सामना करने की शक्ति दी है और यही कारण है कि बाहरी दबावों के बावजूद देश मजबूती से खड़ा है।

आठ साल के ईरान-इराक युद्ध का किया जिक्र

आईआरएनए के अनुसार, आरिफ ने अपने संबोधन में 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतों ने क्षेत्र के कुछ अरब देशों के संसाधनों के सहारे नवगठित इस्लामिक रिपब्लिक पर आठ वर्ष का युद्ध थोपा था।

उनका कहना था कि उस युद्ध का परिणाम पूरी दुनिया ने देखा, लेकिन इसके बावजूद विरोधी देशों ने उससे कोई सबक नहीं लिया।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital: वीकेंड पर कैंची धाम जाने वालों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी...कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन, शटल सेवा से होगी आवाजाही

प्रतिबंधों से नहीं डरता ईरान

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान वर्षों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, लेकिन देश ने इन चुनौतियों से उबरने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता किसी भी तरह के आर्थिक दबाव, अनुचित व्यवहार या बाहरी दबाव का सामना करने में सक्षम है।

आरिफ ने कहा कि प्रतिबंधों की कीमत जरूर चुकानी पड़ती है, लेकिन लोगों को उनसे डरने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे प्रतिबंध और नाकेबंदी अंततः उन्हें लागू करने वाले देशों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page