उत्तराखंड: बिजली दरों में 29% बढ़ोतरी से उद्योगपति नाराज, पलायन की चेतावनी

खबर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड में तीनों ऊर्जा निगमों (यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल) की ओर से बिजली दरों में कुल 29 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर उद्योगपति भड़क उठे हैं। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में उद्योग संगठनों ने साफ कहा कि यदि बिजली दरें नहीं घटीं तो उद्योग यहां से पलायन करने को मजबूर होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 15 मई 2025

इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि हर साल बिजली महंगी की जा रही है, जिससे उद्योगों की लागत बढ़ रही है। उद्योगपति राजीव अग्रवाल ने कहा कि यूपीसीएल की बिजली खपत लगातार घट रही है, क्योंकि बढ़ती दरों के कारण उपभोक्ता और उद्योग अन्य विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  बारिश का कहर: पुल बहने से ज्योतिर्मठ मार्ग बंद, नालों के उफान से हल्द्वानी–सितारगंज मार्ग बाधित

उद्योगपति पवन अग्रवाल ने ऊर्जा निगमों पर प्रदेश के औद्योगिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि राज्य में सालाना 13,870 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है, जिसमें 50% उपभोग केवल उद्योगों का है। महंगी बिजली के कारण उद्योगों का पलायन तेज हो रहा है।

कोटद्वार से आए उद्योगपति शशिकांत सिंघल ने भी बिजली दरों में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि दरें 5.50 रुपये प्रति यूनिट तक नहीं लाई गईं, तो कई उद्योग उत्तराखंड से बाहर चले जाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन की डीपीआर तैयार, लागत 48,692 करोड़

अब देखना यह होगा कि ऊर्जा निगम और सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page