हापुड़। ईरान युद्ध के चलते एलपीजी गैस सिलिंडरों की किल्लत का असर अब आम जनजीवन के साथ सामाजिक आयोजनों पर भी पड़ने लगा है। जिले के बदनौली गांव में सिलिंडर न मिलने के कारण एक युवती की शादी टालनी पड़ी।
गांव निवासी शिवानी के परिवार ने 25 मार्च, बुधवार को विवाह समारोह की तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन हलवाईयों को खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर नहीं मिल पाए। इसके चलते परिवार को कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
युवती की मां बिमलेश और भाई रोबिन ने जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह से मुलाकात कर समस्या बताई। इसके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए तत्काल तीन सिलिंडर उपलब्ध कराए, जबकि तीन अन्य सिलिंडर गुरुवार को देने का आश्वासन दिया गया है।
बिमलेश ने बताया कि उन्होंने छह सिलिंडरों की मांग की थी, लेकिन कई दिनों तक एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद गैस नहीं मिल सकी। आसपास के लोगों के पास भी अतिरिक्त सिलिंडर न होने से मदद नहीं मिल पाई।
बताया जा रहा है कि शादी और बड़े आयोजनों के लिए कॉमर्शियल सिलिंडर की जरूरत होती है, जिसकी कमी इन दिनों ज्यादा महसूस की जा रही है। रिजॉर्ट और होटल में होने वाले समारोहों में कुछ हद तक व्यवस्था हो जाती है, लेकिन बरातघर और घरों में होने वाली शादियों के सामने यह समस्या गंभीर बनी हुई है।
गैस की किल्लत ने अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ सामाजिक परंपराओं को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
