इस्लामाबाद। पाकिस्तान और चीन के बीच गहराते रणनीतिक गठजोड़ को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। प्रख्यात बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि चीन अगले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सेना तैनात कर सकता है। पत्र में उन्होंने चीनी हस्तक्षेप पर गंभीर चिंता जताते हुए भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर सराहना की है।
बलूचिस्तान में ड्रैगन की दस्तक का दावा
विदेश मंत्री को लिखे पत्र में मीर यार बलूच ने कहा कि बीजिंग और इस्लामाबाद का बढ़ता सैन्य-आर्थिक गठबंधन बलूच जनता के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने दावा किया कि चीन अपने आर्थिक हितों और परियोजनाओं की सुरक्षा के नाम पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को बलूचिस्तान में उतारने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने लिखा कि बलूचिस्तान दशकों से पाकिस्तान के नियंत्रण में दमन, सरकार-प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों का सामना कर रहा है, और चीनी सैन्य मौजूदगी से हालात और गंभीर हो सकते हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया निर्णायक कदम
नववर्ष 2026 के संदेश में बलूच नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंक के खिलाफ एक साहसिक और निर्णायक कार्रवाई बताया।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में यह ऑपरेशन चलाया था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
‘बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक’ का ऐलान
मीर यार बलूच ने बताया कि बलूच राष्ट्रवादी नेताओं ने मई 2025 में पाकिस्तान से प्रतीकात्मक स्वतंत्रता की घोषणा की थी। इसी क्रम में अब ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ 2026 के पहले सप्ताह में ‘बलूचिस्तान ग्लोबल डिप्लोमेटिक वीक’ मनाएगा। इसका उद्देश्य दुनिया भर के देशों के साथ सीधे राजनयिक संबंध स्थापित करना है।
हिंगलाज माता मंदिर का किया उल्लेख
भारत-बलूचिस्तान के सांस्कृतिक रिश्तों को रेखांकित करते हुए मीर बलूच ने पत्र में लिखा कि हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) दोनों सभ्यताओं की साझा आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने बलूचिस्तान के करीब 6 करोड़ लोगों की ओर से भारत के 140 करोड़ नागरिकों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और दोनों पक्षों के बीच संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद जताई।
