हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर दर्ज की जा रही संदिग्ध और सामूहिक आपत्तियों पर कांग्रेस ने चिंता जताई है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ईआरओ/सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी विधानसभा को ज्ञापन सौंपकर ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में करीब 43 हजार आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें से लगभग 1,500 मतदाताओं के नामों से जुड़ी ऑनलाइन आपत्तियों को लेकर पार्टी ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के अनुसार, कुछ मामलों में एक ही शिकायतकर्ता द्वारा करीब 40-40 मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पार्टी ने कहा कि किसी एक व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में अलग-अलग मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज किया जाना सामान्य प्रक्रिया से अलग प्रतीत होता है। ऐसे मामलों में यह सत्यापित किया जाना जरूरी है कि आपत्तियां वास्तव में संबंधित शिकायतकर्ता ने ही दर्ज की हैं और उनके पीछे ठोस तथ्य मौजूद हैं।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में नहीं है, लेकिन किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलत या संदिग्ध शिकायत के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी देकर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी वास्तविक और तथ्यात्मक आपत्ति को रोकने की मांग नहीं कर रही है। पार्टी केवल यह चाहती है कि प्रत्येक आपत्ति की वास्तविकता की जांच हो और संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिले।
BLA-2 के जरिए बूथ स्तर पर सहयोग का दावा
हल्द्वानी विधानसभा के प्रभारी एवं BLA-1 डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की शुरुआत से ही निर्वाचन आयोग को सहयोग दिया है। पार्टी की ओर से प्रत्येक बूथ पर BLA-2 नियुक्त किए गए हैं, जो मतदाताओं की समस्याओं और आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटने से उसके मताधिकार पर सीधा असर पड़ सकता है। इसलिए बड़ी संख्या में एक साथ दर्ज की गई आपत्तियों को अलग से जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में दर्ज आपत्तियों की जांच कराई जाए, शिकायतकर्ता की पहचान और आपत्ति के आधार का सत्यापन हो तथा किसी वास्तविक मतदाता का नाम केवल ऑनलाइन शिकायत के आधार पर न हटाया जाए। पार्टी ने फॉर्म संख्या-10 में शिकायतकर्ता से संबंधित आवश्यक विवरण पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने, संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर देने और गलत या फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की भी मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। ऐसे में अपात्र मतदाताओं की पहचान के साथ पात्र मतदाताओं के नाम और उनके मताधिकार की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। पार्टी ने कहा कि वह SIR प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग जारी रखेगी, लेकिन मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर आवाज उठाती रहेगी।
ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, डॉ. मयंक भट्ट, जिला महासचिव मलय बिष्ट, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, गोविन्द बगड़वाल, पार्षद धर्मवीर, कन्नू परगाई, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुमित कुमार, एडवोकेट कोमल जायसवाल, योगेंद्र पाठक, अंकुर जोशी, मोहित दुर्गापाल और देवेंद्र नेगी सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

