मोबाइल देखते समय कक्षा चार के छात्र को आया हार्ट अटैक, परिवार में कोहराम

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अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के मंडी धनौरा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कक्षा चार के एक छात्र की मोबाइल फोन देखते समय अचानक मौत हो गई। प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत हृदयगति रुकने (हार्ट अटैक) से मानी जा रही है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

मामला गांव झुझैला चक का है, जहां दीपक सैनी अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका 10 वर्षीय पुत्र मयंक पास के गांव कैसरा स्थित एक स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। परिजनों के अनुसार बीती 28 दिसंबर की दोपहर करीब तीन बजे मयंक घर में पलंग पर बैठकर मोबाइल फोन देख रहा था। इसी दौरान वह अचानक पीछे की ओर गिर पड़ा।

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शुरुआत में परिजनों को इस पर ध्यान नहीं गया, लेकिन कुछ देर बाद जब मयंक की मां ने उसे बेसुध हालत में पलंग पर पड़ा देखा तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में परिजन बच्चे को गांव के ही एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मयंक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर गांव के लोग और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। पिता दीपक सैनी ने बताया कि मयंक को पहले से कोई बीमारी नहीं थी और वह पूरी तरह स्वस्थ था। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

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चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में बदलाव के साथ ही हार्ट अटैक के मामलों में तेजी देखी जा रही है। कम उम्र में बढ़ता तनाव युवाओं और बच्चों के दिल पर भी असर डाल रहा है। आंकड़ों के अनुसार बीते 15 महीनों में 27 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश की उम्र 40 वर्ष से कम बताई जा रही है।

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इस संबंध में कार्यवाहक सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि हार्ट अटैक की स्थिति में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) एक प्रभावी जीवन रक्षक तकनीक है। समय पर सीपीआर देने से मरीज के बचने की संभावना दोगुनी से तिगुनी तक बढ़ सकती है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर कम उम्र में दिल की बीमारियों और आपात स्थिति में त्वरित प्राथमिक उपचार की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।