हल्द्वानी। शहर के हीरानगर स्थित केवीएम स्कूल परिसर में मंगलवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल कर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले स्कूल की दो बसें और एक जनरेटर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग से उठता काला धुआं चार किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया, जबकि रिहायशी इलाके में हुए इस हादसे से आसपास के लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया।

गनीमत रही कि गर्मी की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद था और परिसर में छात्र मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि आग की लपटें स्कूल भवन तक पहुंच गई थीं और कुछ समय के लिए स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी।
बस स्टार्ट करते समय हुआ शॉर्ट सर्किट, कुछ ही मिनटों में भड़क उठी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल परिसर में खड़ी बसों को नियमित रूप से चालू हालत में रखने के लिए प्रतिदिन कुछ समय के लिए स्टार्ट किया जाता है। मंगलवार शाम करीब 6:40 बजे भी एक बस को स्टार्ट किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और बस में आग लग गई।
शुरुआत में आग एक ही बस तक सीमित थी, लेकिन तेज गर्मी और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते पास में खड़ी दूसरी स्कूल बस और जनरेटर भी इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही मिनटों में दोनों बसें आग के गोले में तब्दील हो गईं।
धमाकों की आवाज से दहशत, स्कूल भवन तक पहुंचीं लपटें
आग बढ़ने के साथ ही परिसर से दो बार धमाके जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक स्कूल के आसपास जमा हो गए।
आग की लपटें स्कूल भवन तक पहुंच गईं और ग्राउंड फ्लोर के कमरों की ओर बढ़ने लगीं। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पूरा स्कूल भवन इसकी चपेट में आ सकता था, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
धुएं के गुबार ने बढ़ाई चिंता
अग्निकांड के दौरान उठे काले धुएं के विशाल गुबार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार धुआं शहर के कई हिस्सों से दिखाई दे रहा था। चार किलोमीटर दूर तक आसमान में छाए धुएं ने लोगों को किसी बड़े हादसे की आशंका में डाल दिया।
सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े, जबकि पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
दमकल को पहुंचने में हुई मुश्किल, तीन गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां शाम 7:08 बजे मौके पर पहुंचीं। हालांकि स्कूल के पीछे वाले हिस्से तक जाने वाले रास्ते की चौड़ाई केवल 17 से 20 फुट होने और क्षेत्र में भीड़भाड़ होने के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
राहत एवं बचाव कार्य को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नहर कवरिंग रोड पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया। दमकल कर्मियों ने करीब आधे घंटे से अधिक समय तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और उसे स्कूल भवन के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दिया।
अधिकारी पहुंचे मौके पर, सुरक्षा व्यवस्थाओं की होगी जांच
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी जगदीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और सीओ सिटी अमित कुमार सैनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन अब स्कूल में मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच करेगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग लगने की स्थिति में सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था।
लगभग 30 लाख का नुकसान
केवीएम स्कूल के मैनेजर मंजुल भंडारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बसों को स्टार्ट करने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से आग लगी। इस अग्निकांड में करीब 30 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि दमकल विभाग ने समय रहते कार्रवाई कर आग को स्कूल भवन के बड़े हिस्से में फैलने से रोक लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
वहीं सीओ सिटी अमित कुमार सैनी ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान के सही आकलन और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के लिए फायर विभाग द्वारा ऑडिट कराया जाएगा।
बड़ा सवाल: क्या पर्याप्त थे अग्नि सुरक्षा इंतजाम?
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों और बड़े संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी क्षेत्र के बीच स्थित स्कूल परिसर में खड़ी बसों में लगी आग यदि कुछ और देर तक बेकाबू रहती तो आसपास के मकानों तक भी पहुंच सकती थी। ऐसे में अब जांच की निगाहें इस बात पर भी रहेंगी कि स्कूल में आग से बचाव के लिए पर्याप्त और प्रभावी इंतजाम मौजूद थे या नहीं।

