पिथौरागढ़/गंगोलीहाट। बहुद्देशीय शिविर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुआ सियासी विवाद अब खुली सड़क पर टकराव में बदलता नजर आ रहा है। बुधवार को दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन का ऐलान किया। इस दौरान मुख्य चौराहे पर ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले केंद्र और राज्य सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट का पुतला जलाने के लिए मुख्य चौराहे पर एकत्र हुए। लेकिन पुतला दहन शुरू होने से पहले ही विधायक स्वयं अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
“मुझे जलाओ, पुतला क्यों जला रहे हो”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता विधायक का पुतला लेकर प्रदर्शन शुरू करने वाले थे, उसी समय मदन सिंह बिष्ट अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चुनौती देते हुए कहा, “पुतला क्या जलाते हो, मैं खुद ही आ गया हूं। अगर विरोध करना है तो मुझे जलाओ।”
विधायक की अचानक मौजूदगी से भाजपा कार्यकर्ता कुछ देर के लिए हतप्रभ रह गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल गरमा गया।
पोस्टर फाड़ने पर बढ़ा विवाद
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ कांग्रेस समर्थकों ने पुतले पर लगाए गए विधायक मदन सिंह बिष्ट के पोस्टर को फाड़ दिया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी तेज हो गई और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। चौराहे पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राजनीतिक कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। काफी मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं को शांत कराया गया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
तनाव कम होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुनः प्रदर्शन शुरू किया और विधायक मदन सिंह बिष्ट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया।
बहुद्देशीय शिविर विवाद से शुरू हुआ था राजनीतिक संग्राम
बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व आयोजित बहुद्देशीय शिविर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद शुरू हुआ था। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ लेने और जनता को गुमराह करने के आरोप लगा रहे हैं। इसी विवाद ने अब सड़क पर प्रदर्शन और पुतला दहन का रूप ले लिया है।
बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन और राजनीतिक नाटक करने के आरोप लगाए हैं।
हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन जिस तरह से दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए, उसने क्षेत्र में बढ़ते राजनीतिक तनाव को साफ तौर पर उजागर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।

