इस्तीफे के बाद PCS अधिकारी अग्निहोत्री और शंकराचार्य की बातचीत वायरल, धर्म के क्षेत्र में बड़ा प्रस्ताव

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बरेली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री और ज्योतिषपीठ ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच फोन पर हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह बातचीत प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के शिविर से की गई, जिसने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है।

Viral Phone Conversation: वीडियो में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अलंकार अग्निहोत्री से बातचीत करते हुए कहते हैं कि उनके इस्तीफे की खबर सुनकर मन में दो तरह की प्रतिक्रियाएं हैं। एक ओर यह दुख है कि उन्होंने वर्षों की कठिन मेहनत और लगन से पढ़ाई कर यह पद प्राप्त किया और वह एक झटके में चला गया, वहीं दूसरी ओर सनातन धर्म के प्रति उनकी गहन निष्ठा से पूरा समाज आह्लादित है।

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शंकराचार्य ने अलंकार अग्निहोत्री को संबोधित करते हुए कहा कि समाज ऐसे निष्ठावान लोगों को सनातन धर्म की सेवा में आगे देखना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा दिया गया पद भले ही चला गया हो, लेकिन धर्म के क्षेत्र में उससे भी बड़ा पद देने का प्रस्ताव वह उन्हें देते हैं। इस पर जवाब देते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा— “ठीक है महाराज जी, जल्द ही आपका आशीर्वाद लेते हैं और मिलते हैं।”

गौरतलब है कि पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को सरकारी नीतियों, विशेषकर UGC 2026 के नए नियमों, से गहरे मतभेद का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है और हाल की घटनाओं ने उन्हें आहत किया है।

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अपने इस्तीफे में उन्होंने उल्लेख किया कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के समय शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों, बटुक ब्राह्मणों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वृद्ध आचार्यों और बटुक ब्राह्मणों को जमीन पर गिराकर उनकी शिखा पकड़कर घसीटा गया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन है।

अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पत्र में स्वयं को उत्तर प्रदेश सिविल सेवा 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी बताते हुए अपनी शिक्षा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से होने का उल्लेख किया है। उन्होंने सीधे राज्यपाल को संबोधित पत्र में कहा कि प्रयागराज की घटना यह दर्शाती है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया है, जो एक गंभीर और चिंताजनक विषय है।

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इस्तीफे के बाद अलंकार अग्निहोत्री की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें वह UGC के नए कानून के विरोध में पोस्टर लेकर खड़े दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर पर लिखा है—“#UGC Roll Back, काला कानून वापस लो। शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

सोमवार शाम को अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास भी पहुंचे, जहां वह करीब एक घंटे तक रहे। बाहर निकलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे यह मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।