शंकराचार्य विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक भूचाल, बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा

खबर शेयर करें

बरेली। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देकर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी। खास बात यह रही कि उन्होंने यह इस्तीफा 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन दिया, जब पूरा देश संविधान और लोकतंत्र का उत्सव मना रहा था।

A Shocking Resignation on Republic Day: अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना को लेकर अपना तीखा विरोध दर्ज कराने के लिए यह असाधारण कदम उठाया। उन्होंने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्नों के इस्तीफे में मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  78वां वार्षिक निरंकारी संत समागम 31 अक्टूबर से समालखा में

‘न जनतंत्र बचा, न गणतंत्र—अब सिर्फ भ्रमतंत्र’
अपने इस्तीफे के अंतिम पन्ने में अलंकार अग्निहोत्री ने बेहद सख्त शब्दों का प्रयोग करते हुए लिखा है कि अब केंद्र और राज्य सरकार में न जनतंत्र है और न ही गणतंत्र, बल्कि केवल भ्रमतंत्र रह गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि देश में अब देशी सरकार नहीं, बल्कि विदेशी जनता पार्टी की सरकार चल रही है। उनके इन शब्दों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है।

यह भी पढ़ें 👉  Nainital News: घास काट रही महिला को बाघ ने बनाया निवाला, दो किलोमीटर तक जंगल में घसीटता हुआ ले गया

यूजीसी बिल को लेकर भी जताया विरोध
इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी बिल को लेकर भी असहमति जाहिर की है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था और बौद्धिक स्वतंत्रता के लिए घातक बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना इस्तीफा
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह खुले तौर पर सरकार और व्यवस्था के खिलाफ इस्तीफा देना प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है। नौकरशाही से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर जगह इस इस्तीफे के निहितार्थों और इसके संभावित असर को लेकर मंथन शुरू हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  बिहार में हाई अलर्ट: नेपाल के रास्ते घुसे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

आगे क्या? सभी की नजरें सरकार के रुख पर
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस इस्तीफे और उसमें लगाए गए आरोपों पर क्या रुख अपनाती है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यह कदम आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था में किसी बड़े बदलाव या बहस की शुरुआत करता है या नहीं।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page