नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टूर्नामेंट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बीसीसीआई ने स्लो ओवर रेट के लिए कप्तानों पर प्रतिबंध लगाने का नियम खत्म कर दिया है। इसकी जगह अब डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कोड ऑफ कंडक्ट की तरह होगा।
डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू
बीसीसीआई ने मुंबई में सभी 10 फ्रेंचाइजी कप्तानों के साथ बैठक कर इस नए नियम की जानकारी दी। यह नियम 22 मार्च से शुरू हो रहे आईपीएल 2025 सीजन से प्रभावी होंगे। अब स्लो ओवर रेट सहित किसी भी अनुशासनहीनता पर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को डिमेरिट पॉइंट मिलेंगे, जो 36 महीने (3 साल) तक रिकॉर्ड में रहेंगे।
नए नियमों के तहत सजा का प्रावधान:
- 4 से 7 डिमेरिट पॉइंट – 1 मैच का निलंबन
- 8 से 11 डिमेरिट पॉइंट – 2 मैचों का निलंबन
- 12 से 15 डिमेरिट पॉइंट – 3 मैचों का निलंबन
- 16 या अधिक डिमेरिट पॉइंट – अधिकतम 5 मैचों का प्रतिबंध
अपराध के अनुसार डिमेरिट पॉइंट:
- लेवल-1 – 25% मैच फीस जुर्माना + 1 डिमेरिट पॉइंट
- लेवल-2 – 3 से 4 डिमेरिट पॉइंट
- लेवल-3 – 5 से 6 डिमेरिट पॉइंट
- लेवल-4 – 7 से 8 डिमेरिट पॉइंट
पहले सिर्फ जुर्माना, अब कड़ी कार्रवाई
अभी तक आईपीएल में खिलाड़ियों और टीमों पर अनुशासनहीनता के लिए सिर्फ जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब डिमेरिट पॉइंट के आधार पर उन्हें निलंबन झेलना पड़ सकता है। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने यह नियम आईपीएल में अनुशासन बनाए रखने के लिए लागू किया है। अब खिलाड़ियों को अपने व्यवहार और खेल के प्रति अधिक सतर्क रहना होगा, क्योंकि अनुशासनहीनता पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि सीधे निलंबन भी होगा।