पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने, कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आसान करने और 11 नदियों पर जल परिवहन विकसित करने की तैयारी, ग्रेटर नोएडा में निवेश प्रस्तावों को भी मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में एक्सप्रेसवे निर्माण, पशुपालन को बढ़ावा देने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने, जल परिवहन को व्यवस्थित करने और निवेश आकर्षित करने से जुड़े अहम फैसले लिए गए। चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 17,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि विभिन्न श्रेणियों के शिक्षणेत्तर और बेसिक शिक्षा कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
चार लिंक एक्सप्रेसवे पर खर्च होंगे 17,542 करोड़
प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति दी गई है। इनका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर किया जाएगा। परियोजनाओं को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों की कुल लंबाई करीब 90 किलोमीटर होगी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है। इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों की कुल लंबाई करीब 106 किलोमीटर और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 74 किलोमीटर होगी।
चारों परियोजनाओं पर कुल 17,542 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कंपनियों को पांच साल तक एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय, गाय पर 50 हजार रुपये अनुदान का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बनाना है। इसके लिए प्रस्तावित स्टेट लैब स्टार्ट मिशन के तहत उद्यमिता विकास, पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और पशु उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
योजना में उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने और गायों की नस्ल सुधारने का प्रावधान है। दूध उत्पादन बढ़ाकर प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुर्गी और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, पशुपालकों को एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। पशुओं के बीमा की कुल लागत का 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे। इन उपायों के जरिए पशुपालन में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने की योजना है।
48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज
शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के कुल 48,062 कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के 23,989, वित्तविहीन विद्यालयों के 22,541 और सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के करीब 110 कर्मचारी शामिल हैं।
सरकार प्रत्येक कर्मचारी के बीमा प्रीमियम के लिए 3,000 रुपये देगी। इस पर कुल 14.41 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा बेसिक शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के 1,22,305 कर्मचारियों को भी चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस तरह दोनों प्रस्तावों के तहत कुल 1,70,367 कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है।
सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार का रास्ता साफ
कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्र में निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह स्कूल 22 जुलाई 2019 से संचालित है। जमीन मिलने से स्कूल के विस्तार और शैक्षणिक सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी के स्पष्ट नियम
उत्तर प्रदेश में कंपनियों के विलय और विभाजन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने आया। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के अनुसार, अब तक इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण उद्यमियों को आर्थिक कठिनाइयों और प्रक्रियागत भ्रम का सामना करना पड़ता था।
प्रस्ताव के तहत मर्जर या डी-मर्जर में शेयर वैल्यू पर 0.50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी और संपत्ति शामिल होने की स्थिति में उस पर दो प्रतिशत स्टांप ड्यूटी का प्रावधान किया गया है।
मंत्री के अनुसार, कंपनी का पंजीकरण और कंपनी रजिस्ट्रार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेयर वैल्यू के आधार पर स्टांप ड्यूटी देनी होगी। गुजरात और महाराष्ट्र में लागू व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी स्पष्ट नियम बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। चूंकि यह विषय समवर्ती सूची से जुड़ा है, इसलिए प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
11 नदियों पर विकसित होगा जल परिवहन
प्रदेश में जल परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नावों और जहाजों के पंजीकरण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, यांत्रिक और गैर-यांत्रिक दोनों प्रकार की नावों को नियमों के दायरे में लाया जाएगा।
जल परिवहन के संचालन और निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है, जिसके अध्यक्ष परिवहन मंत्री होंगे। नावों का वर्गीकरण उनकी क्षमता और उपयोग के आधार पर किया जाएगा। गैर-यात्री नावों के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क प्रस्तावित है।
नई व्यवस्था के तहत नावों और नाविकों का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ यात्रियों तथा नाविकों के बीमा का प्रावधान भी होगा। पंजीकरण और निगरानी में परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ तहसील स्तर के अधिकारियों की भूमिका निर्धारित की जाएगी।
सरकार गंगा और यमुना समेत प्रदेश की 11 नदियों पर जल परिवहन की संभावनाएं विकसित करना चाहती है। इसका उद्देश्य नदी मार्गों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ नाव संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।
ग्रेटर नोएडा में 654 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
कैबिनेट ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े प्रस्ताव में एंपावर्ड कमेटी की संस्तुति को मंजूरी दी। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में एंपावर्ड कमेटी के समक्ष रखे गए एकागो हॉस्पिटेलिटी के 654 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को शामिल किया गया।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति के तहत चार कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने पर भी सहमति दी गई। इनमें नोएडा में हैवेल्स के 889 करोड़ रुपये, अमेरियोराइड इंडिया एलएलपी के 112 करोड़ रुपये, मेटलाइफ ग्लोबल के 84 करोड़ रुपये और एलजी सॉफ्ट के 634 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
इन निवेश प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश में कारोबारी गतिविधियों, रोजगार और आधुनिक सेवा क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देना है।
झांसी-ललितपुर में बढ़ेगी भंडारण क्षमता
सहकारिता विभाग के प्रस्ताव के तहत झांसी और ललितपुर में 6.5 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। इसके लिए 5.47 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में भंडारण सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।
विकास, निवेश और रोजगार पर सरकार का जोर
योगी कैबिनेट के फैसलों में बुनियादी ढांचे के विस्तार से लेकर किसानों की आय, शिक्षा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और औद्योगिक निवेश तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। चार लिंक एक्सप्रेसवे, जल परिवहन और निवेश प्रस्तावों के जरिए आर्थिक गतिविधियों को गति देने की तैयारी है। वहीं, पशुपालन सहायता और कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं से किसानों तथा कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इन फैसलों का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन और निर्धारित समयसीमा में परियोजनाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

