रामनगर। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 21 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु और नकल-विहीन संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रामनगर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
Strict Vigilance and Monitoring for Board Exams: बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में कुल 1261 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी, जबकि संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए एक-एक पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी।
शनिवार को बोर्ड सभागार में आयोजित इस बैठक में कुमाऊं व गढ़वाल मंडल के अपर निदेशक, मुख्य शिक्षा अधिकारी और संकलन केंद्रों के मुख्य नियंत्रक (प्रधानाचार्य) शामिल हुए। बैठक को माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सभी अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
बोर्ड सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने अधिकारियों से कहा कि मंडल और ब्लॉक स्तर पर आंतरिक सचल दल गठित किए जाएं, ताकि परीक्षा केंद्रों पर निरंतर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नकल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर सचिव बृज मोहन रावत ने परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परीक्षा प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक सहयोग लिया जाएगा। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश में कुल 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें गढ़वाल मंडल में 16 और कुमाऊं मंडल में 13 केंद्र शामिल हैं, जहां तय समयसीमा में कापियों की जांच की जाएगी।
