Uttarakhand: मिठाई-बेकरी कारोबारियों पर राज्य कर विभाग का शिकंजा…41 प्रतिष्ठानों पर छापे, 2.53 करोड़ GST वसूला

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देहरादून। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले राज्य कर विभाग ने मिठाई और बेकरी उत्पादों का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा कस दिया है। राज्य कर विभाग की संयुक्त ऑडिट एवं विशेष अन्वेषण शाखा ने प्रदेशभर में 41 चिन्हित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी और जांच की। इस दौरान कारोबार से जुड़े दस्तावेजों, जीएसटी रिटर्न और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई। विभागीय कार्रवाई के दौरान अब तक 2.53 करोड़ रुपये की जीएसटी राशि की वसूली की गई है।

41 प्रतिष्ठानों पर पहुंची विभागीय टीमें

राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन के निर्देश पर विभाग ने मिठाई और बेकरी उत्पादों के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित व्यापारियों के यहां पहुंचकर जीएसटी से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।

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अधिकारियों ने व्यापारियों के जीएसटी रिटर्न, खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज, कर देनदारी और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित रिकॉर्ड को खंगाला। जांच का उद्देश्य कारोबारियों द्वारा वास्तविक कर देनदारी के अनुरूप जीएसटी का भुगतान किए जाने और नियमों के तहत आईटीसी का लाभ लिए जाने की स्थिति की पड़ताल करना था।

रेस्टोरेंट के नाम पर ITC लेने का आरोप

विभाग की प्रारंभिक जांच में कुछ मिठाई विक्रेताओं द्वारा रेस्टोरेंट के नाम पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिए जाने का मामला सामने आया। विभाग के अनुसार, जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कारोबारियों से 2.53 करोड़ रुपये की जीएसटी राशि की वसूली की गई है।

विभाग अब जांच में सामने आए दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई भी कर रहा है। अधिकारियों की नजर विशेष रूप से उन कारोबारियों पर है, जिनके रिटर्न और वास्तविक कारोबार के बीच अंतर पाया जा रहा है।

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त्योहारों तक जारी रहेगा अभियान

त्योहारी सीजन में मिठाई, नमकीन, बेकरी उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री में तेजी आती है। ऐसे में राज्य कर विभाग ने कर अनुपालन को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आगामी त्योहारी सीजन तक यह जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

इस अभियान के तहत विभाग कारोबारियों के जीएसटी रिटर्न और वास्तविक कारोबार का मिलान करने के साथ ही कर भुगतान और आईटीसी दावों की भी जांच करेगा।

उपभोक्ताओं से बिल लेने की अपील

राज्य कर आयुक्त प्रतीक जैन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि मिठाई, बेकरी उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय बिल अवश्य प्राप्त करें। उनका कहना है कि बिल लेना न केवल उपभोक्ता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि इससे कारोबार में पारदर्शिता और कर अनुपालन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है।

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उन्होंने कहा कि राज्य में राजस्व संग्रह में पारदर्शिता बनाए रखने और टैक्स व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

उपभोक्ता जागरूकता पर भी जोर

राज्य कर विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कर वसूली तक सीमित नहीं है। कारोबारियों को कर नियमों का पालन कराने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खरीदारी के समय दुकानदार से बिल जरूर लें और बिना बिल के सामान खरीदने से बचें। खासकर त्योहारी सीजन में बड़ी मात्रा में होने वाली मिठाई और खाद्य सामग्री की खरीदारी के दौरान बिल लेना महत्वपूर्ण बताया गया है।

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