देहरादून। प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ ही बिजली की मांग में जबरदस्त उछाल आ गया है। बीते पांच दिनों में बिजली की मांग 3.7 करोड़ यूनिट से बढ़कर 4.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। हालात ये हैं कि यूपीसीएल को रोजाना 80 से 85 लाख यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का बोझ उठाना पड़ सकता है।
राज्य में पिछले साल बिजली की मांग रिकॉर्ड 6.5 करोड़ यूनिट तक पहुंची थी, और इस साल अप्रैल की शुरुआत में ही यह आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। 30 और 31 मार्च को बिजली की मांग 3.7 करोड़ यूनिट थी, जो चार अप्रैल को 4.2 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई।
कम बर्फबारी से उत्पादन पर असर
प्रदेश में इस बार बर्फबारी कम होने से जलविद्युत उत्पादन पर असर पड़ा है। यूजेवीएनएल का अप्रैल 2023 में उत्पादन 1.6 करोड़ यूनिट था, जबकि इस साल यह घटकर 1 से 1.2 करोड़ यूनिट के बीच सिमट गया है। वर्तमान में यूपीसीएल के पास 3.4 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है, जबकि मांग इससे कहीं ज्यादा है।
बाजार से महंगी बिजली खरीदने की मजबूरी
बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यूपीसीएल को महंगी दरों पर बाजार से बिजली खरीदनी पड़ रही है। सामान्य दिनों में 2.69 रुपये प्रति यूनिट मिलने वाली बिजली की कीमत पीक आवर्स में 10 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच रही है। गर्मी और बढ़ने के साथ यह संकट और गहरा सकता है।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ेगी, जिससे रोजाना करोड़ों रुपये बिजली खरीद पर खर्च करने पड़ सकते हैं। सरकार और बिजली विभाग इस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहे हैं। वहीं, उपभोक्ताओं से भी बिजली बचत की अपील की जा रही है ताकि संकट को टाला जा सके।