Uttarakhand: गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े निहंग, तीन दौर की वार्ता रही बेनतीजा

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नगरासू गुरुद्वारे में दूसरे दिन भी बना रहा गतिरोध, पुलिस-आईटीबीपी समेत सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, इंटरनेट सेवा बंद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर लगातार हालात पर नजर बनाए रहे। एसपी नीहारिका तोमर ने करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से बातचीत की, लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा का कड़ा घेरा

गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और अन्य सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। खुफिया एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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एक व्यक्ति को छोड़ा, एक सेवादार अब भी कब्जे में

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख बाबा बेहंत सिंह ने बताया कि निहंगों ने दो लोगों को अपने कब्जे में रखा था। इनमें से एक व्यक्ति को शनिवार देर रात छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार अब भी उनके पास होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है।

इंटरनेट सेवा बंद, सोशल मीडिया पर भी निगरानी

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी। इसके चलते संचार सेवाएं प्रभावित रहीं। देर शाम तक इंटरनेट सेवा बहाल नहीं हो सकी और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी गई।

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गुरुद्वारा प्रबंधन ने लगाए तोड़फोड़ के आरोप

बाबा बेहंत सिंह के अनुसार शनिवार को कुछ निहंग गुरुद्वारे पहुंचे और विवाद शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, पेयजल आपूर्ति बाधित कर दी और पत्थरबाजी की, जिससे गुरुद्वारे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

उन्होंने बताया कि कई बार निहंगों से शांतिपूर्वक नीचे उतरने और सुरक्षित पंजाब भेजने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। बाबा बेहंत सिंह ने कहा कि वह पिछले 28 वर्षों से गुरुद्वारे की सेवा कर रहे हैं, लेकिन ऐसा घटनाक्रम पहली बार देखा है।

पल-पल का घटनाक्रम

  • शनिवार शाम 4 बजे: सात निहंग दो लोगों को साथ लेकर गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर पहुंचे।
  • शाम 5 बजे: कमरों से गद्दे, रजाइयां और अन्य सामान निकालकर रास्ते बंद किए गए।
  • शाम 6 बजे: गुरुद्वारे के भीतर तनाव बढ़ने लगा।
  • शाम 7 बजे: गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने बातचीत का प्रयास किया।
  • रात 8 बजे: निहंगों ने जयकारे लगाने शुरू किए।
  • रात 9 बजे: पुलिस और आईटीबीपी ने गुरुद्वारे की घेराबंदी की।
  • रात 10 बजे: स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच विवाद बढ़ा।
  • रात 11 बजे: पेयजल आपूर्ति बाधित हुई।
  • रात 12 बजे: ऊपरी मंजिलों के कई बल्ब तोड़े गए।
  • रात 2 बजे: फिर शोर-शराबा हुआ और छत की ईंट की दीवार को नुकसान पहुंचाया गया।
  • रात 3 बजे: दीवारों पर लगी टाइलें उखाड़ी गईं।
  • रात 3:30 बजे से सुबह 5:30 बजे तक: सड़क और वाहनों पर पत्थरबाजी की गई।
  • रविवार सुबह 6 बजे: हालात कुछ हद तक शांत हुए।
  • रविवार शाम 4 बजे तक: गतिरोध बरकरार रहा और सुरक्षा बल मौके पर डटे रहे।
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फिलहाल प्रशासन बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, जबकि गुरुद्वारा परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

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