पौड़ी/कोटद्वार। पौड़ी पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर बंद मकानों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और बरेली के रहने वाले हैं, जो चोरी की मोटरसाइकिल से पहले सुनसान और बंद मकानों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही नकदी व कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की नकदी बरामद करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की मोटरसाइकिल का भी खुलासा किया है। गिरोह का एक मुख्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
परिवार गांव गया, पीछे से बंद मकान में कर दी लाखों की चोरी
पुलिस के अनुसार, कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून माह में वह अपने परिवार के साथ पैतृक गांव गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया और घर में रखी नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
गाजियाबाद और बरेली से जुड़े आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोहित निवासी गाजियाबाद, कासिफ उर्फ नन्हे, आमिर और आसिफ उर्फ अमन, तीनों निवासी बरेली (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की नकदी में से 13,600 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस अन्य चोरी गए जेवरात और नकदी की बरामदगी के लिए भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
चोरी की अपाचे बाइक से करते थे रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने 26 जून को उधम सिंह नगर जिले के किच्छा थाना क्षेत्र से एक अपाचे मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर वे विभिन्न इलाकों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे और फिर वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के मुताबिक, इसी मोटरसाइकिल का उपयोग कर आरोपियों ने कोटद्वार में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की चोरी की घटना को अंजाम दिया था।
दिल्ली का मुख्य आरोपी अब भी फरार
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना मो. आरिफ निवासी दिल्ली है, जो फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह द्वारा अन्य राज्यों में की गई चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
अन्य वारदातों का भी खंगाल रही पुलिस
पौड़ी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली समेत अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने कहीं और भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया।

