उत्तराखंड: आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों पर सरकार सख्त, ‘नो वर्क–नो पे’ आदेश लागू

खबर शेयर करें

देहरादून। विगत कई दिनों से कार्यस्थल से अनुपस्थित चल रहे और आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों पर सरकार ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे कार्मिकों पर ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ (नो वर्क–नो पे) का सिद्धांत कड़ाई से लागू किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल: एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने संभाला कार्यभार, कहा– नशा और ट्रैफिक व्यवस्था पर रहेगा फोकस

इस संबंध में सैनिक कल्याण विभाग के सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी ने बुधवार को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के प्रबंध निदेशक को आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों, निगमों और संस्थानों में तैनात उपनल कार्मिक जो आंदोलन के दौरान बिना अनुमति अनुपस्थित हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए और उनके विरुद्ध नियमों के अनुसार अनुपस्थिति दर्ज की जाए।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार, चोरगलिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई

साथ ही, सभी विभागों, संस्थानों और निगमों को निर्देशित किया जाएगा कि वे नो वर्क–नो पे प्रावधान का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। प्रबंध निदेशक को तुरंत सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश प्रेषित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: प्रेम संबंध छिपाने के लिए 6 साल के बेटे की हत्या, मां भी गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि उपनल कर्मचारी बीते कई दिनों से नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, और अन्य सेवा लाभों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। देहरादून के परेड ग्राउंड के निकट कर्मचारी क्रमिक अनशन कर रहे हैं और प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में धरने में शामिल हो रहे हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page