देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है। राज्य सरकार की रोजगारोन्मुखी नीतियों, निवेश को बढ़ावा देने वाले फैसलों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों के कारण राज्य में रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड विकास और निवेश के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। इन नीतियों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और उत्तराखंड में अब तक 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। धामी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प शक्ति के बल पर भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र बनाया जा सकता है। यदि युवाओं को सही दिशा और पर्याप्त अवसर मिलें तो भारत एक बार फिर विश्व गुरु के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी पहल युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में काम करते हुए नई स्टार्टअप नीति लागू कर चुकी है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक आजीविकाओं को बढ़ावा देकर भी रोजगार सृजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हजारों युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
धामी ने कहा कि सरकार की नीतियों का असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पिछले एक वर्ष में उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन के आंकड़ों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है, जो विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) रैंकिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को “एचीवर्स” तथा स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी में स्थान मिला है। उन्होंने इसे उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत राज्य में अब तक छह हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को लाभ मिल चुका है। योजना के अंतर्गत 24 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लाभार्थियों में वितरित की गई है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना से 15 लाख से अधिक युवा लाभान्वित हुए हैं और 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योजना से लाभान्वित युवाओं और नियोक्ताओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें राज्य और देश के विकास का भागीदार बनाना है। उत्तराखंड में निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार भविष्य में भी इसी तरह के प्रयास जारी रखेगी।

