फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की नीलकंठ कॉलोनी में 19 वर्षीय मुस्कान की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में जांच के दौरान ऐसे खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने न केवल लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच और तथाकथित इज्जत के नाम पर होने वाले अपराधों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुस्कान की हत्या कोई आवेश में उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि उसके पिता राकेश राठौर ने इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। आरोपी ने वारदात से पहले हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाले बांक पर धार लगवाई थी और मौके की तलाश में था। रविवार को जैसे ही उसे घर में अकेली मुस्कान मिली, उसने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बेटी पर 20 से अधिक वार किए, जिनमें अधिकांश वार गर्दन और ऊपरी हिस्से पर किए गए।
एक महीने से भीतर ही भीतर सुलग रहा था गुस्सा
पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश राठौर ने बताया कि करीब एक माह पहले उसकी बेटी मुस्कान घर छोड़कर चली गई थी और बाद में पुलिस ने उसे जयपुर से बरामद किया था। इसके बाद से मोहल्ले और समाज के लोगों के तानों ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया था। आरोपी का कहना है कि लोग उसकी बेटी को लेकर तरह-तरह की बातें करते थे, जिससे वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा था।
राकेश ने पुलिस को बताया कि वह इस घटना के बाद इतना तनाव में था कि उसने ई-रिक्शा चलाना तक बंद कर दिया था और घर से निकलना भी कम कर दिया था। इसी दौरान उसके मन में बेटी के प्रति गुस्सा और शक बढ़ता गया और उसने हत्या की योजना बना ली।
टीवी बंद करने से शुरू हुआ विवाद, फिर बरसा मौत का वार
रविवार शाम को घर में केवल मुस्कान और उसकी मां पुष्पा देवी मौजूद थीं। दोनों बेटे और बहुएं बाहर गए हुए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले शराब पी और फिर बांक लेकर दूसरी मंजिल पर पहुंच गया, जहां मुस्कान टीवी देख रही थी।
बताया जा रहा है कि उसने जानबूझकर टीवी बंद कर दिया ताकि विवाद हो। जैसे ही मुस्कान ने इसका विरोध किया, आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। बेटी को बचाने आई पत्नी पर भी उसने जानलेवा हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मुस्कान की मौके पर ही मौत हो गई।
बहन की लाश देख टूट पड़े भाई
घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। छोटा बेटा अरुण अपनी पत्नी अंजू के साथ मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा कर रहा था। खबर मिलते ही दोनों परिक्रमा अधूरी छोड़कर फिरोजाबाद लौट आए। वहीं बड़ा बेटा अजय भी अपनी नौकरी छोड़कर घर पहुंचा।
घर में बहन का शव और मां को खून से लथपथ हालत में देखकर दोनों भाई फूट-फूटकर रो पड़े। पूरे मोहल्ले में मातम छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
पुलिस जांच में टूटा पिता का शक
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिस शक के आधार पर पिता ने बेटी की जान ले ली, वह पूरी तरह निराधार निकला। थाना बसई मोहम्मदपुर पुलिस की जांच में सामने आया कि जब मुस्कान घर से गई थी, तब वह किसी युवक के साथ नहीं थी।
पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे, जिनमें मुस्कान अकेले स्टेशन पहुंचती और ट्रेन में सवार होती दिखाई दी थी। बाद में सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन जयपुर में मिली, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया। वहां भी वह अकेली ही मिली थी।
पूछताछ के दौरान मुस्कान ने पुलिस को बताया था कि पिता की डांट-फटकार और सख्त व्यवहार से परेशान होकर वह घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे समझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
शादी से इनकार भी बना नाराजगी की वजह
जांच में यह भी सामने आया है कि आगामी 19 जून को लड़के वाले मुस्कान को देखने आने वाले थे। परिवार उसकी शादी जल्द से जल्द करना चाहता था, लेकिन मुस्कान ने साफ कह दिया था कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती और उसे कुछ समय चाहिए।
बताया जा रहा है कि बेटी का यह फैसला भी पिता को नागवार गुजरा था। वह समाज के तानों से बचने और बेटी की शादी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करना चाहता था। इसी बात को लेकर घर में तनाव बना हुआ था।
हत्या के बाद खुद थाने पहुंचा आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राकेश राठौर कथित रूप से खुद बसई मोहम्मदपुर थाने पहुंचा। वहां उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी और बेटी पर हमला किया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
सोमवार को पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। पड़ोसी और रिश्तेदार इस बात पर हैरान हैं कि जिस बेटी को पिता का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है, उसी की जान उसके अपने पिता ने ले ली।

