कैथल (हरियाणा)। कैथल के सिलाखेड़ा रोड पर 30 दिसंबर को ड्रेन से नीले रंग के सूटकेस में मिली करीब 30 वर्षीय महिला की हत्या का मामला अब भी पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखे 72 घंटे पूरे होने वाले हैं, लेकिन मृतका की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने अब डॉक्टरों के बोर्ड की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर ली है।
पुलिस के अनुसार, शव की हालत बेहद खराब है। ड्रेन के पानी में पड़े रहने के कारण शरीर फूल चुका है और कुछ अंग गल चुके हैं। महिला के गले पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्रारंभिक तौर पर गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा एक हाथ पर टैटू भी पाया गया है, जो हालांकि साफ नजर नहीं आ रहा। पुलिस के मुताबिक टैटू अंग्रेजी के ‘S’ या फिर ‘ॐ’ जैसा प्रतीत हो रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि महिला की हत्या किसी अन्य स्थान पर कर शव को सूटकेस में भरकर ड्रेन में फेंका गया। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है। सूटकेस का आकार करीब दो फीट है, जबकि महिला की लंबाई करीब पांच फीट बताई जा रही है। ऐसे में इतने छोटे सूटकेस में शव को रखने और उसे बंद करने को लेकर भी पुलिस को कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जो इस हत्याकांड की निर्ममता की ओर इशारा करते हैं।
गुरुवार को पुलिस ने शव के साथ मिले कपड़ों और बैग पर लगे ब्रांड के आधार पर असंध क्षेत्र में दुकानों पर जांच की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। दुकानदारों का कहना है कि कपड़े थोक में बिकते हैं, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि इन्हें किसने खरीदा था।
सीआईए, एसडीयू और एसटीएफ समेत विभिन्न थानों की टीमें राइस मिलों, ईंट भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और स्लम बस्तियों में जाकर महिला की तस्वीर दिखाकर पहचान कराने का प्रयास कर रही हैं। प्रवासी मजदूरों से भी पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे गांव सिलाखेड़ा के किसानों ने ड्रेन में पड़ा सूटकेस देखा था। उनके डेरे पास ही बने हुए हैं। सूटकेस से तेज बदबू आने पर उन्होंने कुत्तों को भगाया और जब सूटकेस खोला तो उसमें युवती का शव मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव कई दिन पुराना होने की पुष्टि की।
डीएसपी वीरभान ने बताया कि महिला की पहचान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 72 घंटे पूरे होने के बाद डॉक्टरों के बोर्ड की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल यह हत्याकांड क्षेत्र में दहशत और कई सवाल छोड़ गया है।
